कन्नौज स्कूल में हंगामे का खुला राज? बच्चों को बांटे गए थे बिस्किट
कन्नौज के गुगरापुर पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने 20 अगस्त को स्कूल के प्रधानचार्य कि गाड़ी रोकर विद्यालय गेट में हंगामा शुरू कर दिया था.

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के गुगरापुर पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में छात्रों के हंगामे के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है. विद्यालय में प्रधानाचार्य को हटाने और कंप्यूटर की पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था. लेकिन शुरुआती जांच के बाद सामने आई जानकारी ने पूरे मामले को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.
जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक शख्स छात्रों को बिस्किट बांटता हुआ नजर आ रहा है. वहीं, अधिकारियों के सामने बच्चों ने भी बताया था कि उन्हें बिस्किट दिए गए और कथित तौर पर उन्हें बरगलाकर प्रधानाचार्य के खिलाफ विरोध करने के लिए तैयार किया गया.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कन्नौज के गुगरापुर पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने 20 अगस्त को स्कूल के प्रधानचार्य कि गाड़ी रोकर विद्यालय गेट में हंगामा शुरू कर दिया था. छात्रों का आरोप था कि प्रधानाचार्य का व्यवहार ठीक नहीं है और विद्यालय में कंप्यूटर की पढ़ाई की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है. इसी को लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रधानाचार्य को बदलने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था.
बिस्किट बांटे जाने की बात आई सामने
मामले की जानकारी मिलते ही बीएसए संदीप कुमार विद्यालय पहुंचे और छात्रों तथा शिक्षकों से बातचीत की. अधिकारियों की पूछताछ में छात्रों ने बिस्किट बांटे जाने की बात बताई. इसके बाद जब शुरुआती जांच आगे बढ़ी तो एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति छात्रों को बिस्किट बांटता हुआ दिखाई दे रहा है.
दो शिक्षकों के बीच विवाद
अब सवाल उठने लगा कि आखिर बच्चों को बिस्किट किसने बांटे. क्या बिस्किट बांटकर उन्हें विरोध के लिए तैयार किया गया,और क्या विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच चल रही कथित खींचतान में बच्चों का इस्तेमाल किया गया, शुरुआती जांच में मामला सिर्फ प्रधानाचार्य के विरोध या कंप्यूटर की पढ़ाई की समस्या तक सीमित नहीं दिखाई दिया. अधिकारियों को बच्चों को कथित तौर पर उकसाए जाने की आशंका नजर आई.
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मामले की जांच के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है.अब पुलिस वीडियो, बच्चों के बयानों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि बच्चों को विरोध के लिए किसने और क्यों तैयार किया था.
मंत्री ने सख्त कार्रवाई की बात कही
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन अगर छात्रों को बरगलाकर उनसे इस तरह का विरोध कराया गया है तो यह गलत है. मामले की जांच होगी और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. छात्रों को बरगलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल विद्यालय में स्थिति सामान्य है, लेकिन छात्रों को कथित तौर पर बिस्किट बांटकर विरोध के लिए तैयार करने का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है. अब पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कौन था और क्या वाकई शिक्षकों की आपसी खींचतान में छात्रों को मोहरा बनाया गया.
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