UP में अखिलेश यूं बढ़ाएंगे कांग्रेस की मुश्किल! INDIA अलायंस में नए दल की एंट्री के संकेत?
UP में अखिलेश यादव भले यह कह रहे हों कि साल 2027 के चुनाव में कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ेंगे लेकिन INDIA अलायंस में नए दल की एंट्री से वह अपने सहयोगी राजनीतिक पार्टी की मुश्किल बढ़ा सकते हैं.

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस- इंडिया अलायंस के परचम तले विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयारी कर रहे हैं. इस बीच खबर कि यूपी में सपा आम आदमी पार्टी को भी सीटें दे सकती है. संभावना जताई जा रही है कि साल 2027 के चुनाव के लिए सपा, आप को 15-20 सीटें दे सकती है. सियासी अटकलों का यह दौर उस वक्त से शुरू है जब इसी वर्ष अप्रैल में आप नेता और राज्यसभा सासंद संजय सिंह और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुलाकात की थी.
इस मुलाकात के बाद 23 अगस्त को भी संजय सिंह और कन्नौज सांसद मिले. मुलाकात संदर्भ में सूत्रों ने यह दावा किया है कि आम आदमी पार्टी आगामी चुनावों में 15-20 सीटें चाहती हैं. अब आप की यह मांग, गठबंधन में चल रही अंदरूनी कलह को और आगे बढ़ा सकती है.
कांग्रेस को मनाना आसान नहीं?
दरअसल, यूपी में विधानसभा चुनाव ऐसे वक्त में होंगे जब पंजाब और गोवा में भी इलेक्शन होंगे. ऐसे में कांग्रेस, किसी भी कीमत पर आप के साथ अलायंस में यूपी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं होगी. इस मामले में एक पक्ष यह भी है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद आप ने खुद को इंडिया अलायंस से अलग कर लिया था. कई मौकों पर संजय सिंह समेत आप के शीर्ष नेतृत्व यह कह चुकी है कि वह इंडिया अलायंस का हिस्सा नहीं है.
ऐसे में अगर सपा, आप को सीटें देने के लिए राजी होती है तो इसके लिए कांग्रेस को मनाना आसान नहीं होगा. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 349 सीटों पर चुनवा लड़ा था. उसे इन सभी सीटों पर कुल मिलाकर 3 लाख 47 हजार 187 मत मिले थे. इस चुनाव में भी आप और सपा के बीच अलायंस की चर्चा शुरू हुई थी लेकिन बात अंजाम तक नहीं पहुंच सकी.
2022 में इन सीटों पर आप को मिले थे 5000 से ज्यादा वोट
2022 में आप जिन 349 सीटों पर लड़ी थी उसमें से 7 विधानसभा क्षेत्र ऐसी थीं जहां पार्टी को 5,000 से अधिक वोट मिले थे. इसमें लोनी- सचिन कुमार शर्मा- 6,319, साहिबाबाद- छवि यादव- 6,944, नोएडा- पंकज अवाना- 6,545, दादरी- संजय- 4,613, मोहनलालगंज- सूरज कुमार रावत- 7,048, रुधौली- पुष्करादित्य सिंह- 24,367, और खलीलाबाद में सुबोध चंद्र को 25,123 वोट मिले थे.
फिर साल 2024 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने यूपी में प्रत्याशी नहीं उतारा और सपा को समर्थन दिया. जब चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल, जेल से बाहर आए थे, उसके बाद उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव के साथ प्रेस वार्ता भी की थी.
वहीं दिल्ली के विधानसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस को दरकिनार कर आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया था. अब आप को साथ लाने की यह अटकलें अगर कल को सच साबित होती हैं तो कांग्रेस के लिए धर्मसंकट खड़ा हो सकता है. एक ओर सपा और कांग्रेस साथ चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं, वहीं अब आप की एंट्री से सियासी परिस्थितियां बदस सकती हैं.
सूत्रों की मानें तो जिन 7 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने ठीक ठाक प्रदर्शन किया था यानी 5,000 से अधिक वोट मिले थे, उन क्षेत्रों पर वह दावा कर सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों को लेकर यूपी में इंडिया अलायंस में सपा और कांग्रेस के अलावा किसी और दल की एंट्री दोनों दलों में किसे सहज और असहज कर सकती है.






















