उत्तर प्रदेश में अदालतों-अधिकरणों के अंतरिम आदेश 31 अक्टूबर तक बढ़े
अंतरिम आदेश को बढ़ाए जाने का फैसला गुरुवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने दिया है.

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना की महामारी और लॉकडाउन के कारण से अदालतों के कामकाज में रुकावट पैदा होने की वजह से यूपी में हाईकोर्ट के साथ ही सभी अदालतों-अधिकरणों द्वारा पिछले दिनों जारी किए अंतरिम आदेशों को अब 31 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है. अंतरिम आदेश को बढ़ाए जाने का फैसला आज हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने दिया है.
अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि कोरोना और लॉकडाउन के चलते अदालतों का कामकाज नियमित रूप से नहीं चल पा रहा है. कई जगह अदालतें बंद हैं और सिर्फ अर्जेन्ट मामलों की ही सुनवाई हो रही है, इसलिए पिछले दिनों जारी किए गए अंतरिम आदेश अब 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेंगे. इस बीच नब्बे दिनों की अवधि के लिए दाखिल की गईं कैविएट भी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेंगी.
फैसला सुनाने वाली डिवीजन बेंच ने इस आदेश की प्रति सभी अदालतों, अधिकरणो,महाधिवक्ता, एडिशनल सालीसिटर जनरल आफ इंडिया, सहायक सालीसिटर जनरल आफ इंडिया, राज्य लोक अभियोजक एवं उप्र बार काउन्सिल को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
यह भी पढ़ें:
EPFO में जून में शुद्ध रूप से 6.55 लाख नये पंजीकरण, मई में हुए थे 1.72 लाख
























