CM योगी ने देश विरोधी ताकतों को किया सतर्क, बोले- 'आजादी का मतलब...'
Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी ने कहा कि आजादी का अर्थ गरीबी, अशिक्षा और असमानता से मुक्ति है. उन्होंने देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (15 अगस्त) को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर तिरंगा फहराया. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि आजादी का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से पूर्ण मुक्ति भी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने आजादी के 79 वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब 80वें स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों से जुड़ रहा है. यह अवसर केवल उत्सव मनाने का नहीं बल्कि स्वतंत्रता के व्यापक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी है.
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उन्होंने कहा कि देश की आजादी को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है तो किसी एक व्यक्ति, जाति या संप्रदाय को नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपने-अपने क्षेत्र में समान रूप से योगदान देना होगा.
1947 की आजादी के पीछे था लाखों बलिदानियों का संघर्ष
सीएम योगी ने कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद 1947 में देश को विदेशी दासता से मुक्ति मिली. आज हर भारतवासी जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों के त्याग और तपस्या का परिणाम है. उन्होंने कहा कि भारत ने लंबे समय तक गुलामी झेली, लेकिन देशवासियों ने मानसिक रूप से कभी गुलामी को स्वीकार नहीं किया. अलग-अलग समय में देश के विभिन्न हिस्सों में विदेशी शासन के खिलाफ आंदोलन हुए. 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम इस सामूहिक संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव था.
मुख्यमंत्री ने मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई और धनसिंह कोतवाल जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में देश के अलग-अलग हिस्सों में आजादी की लौ जल रही थी. सभी का उद्देश्य एक ही था- भारत को विदेशी दासता से मुक्त कराना.
गरीबी और अशिक्षा के खिलाफ लड़ाई में मिली कामयाबी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन और असमानता जैसी बड़ी चुनौतियां थीं. पिछले आठ दशकों में इनमें से कई समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. उन्होंने दावा किया कि देश में बहुआयामी गरीबी से करीब 25 करोड़ लोग बाहर आए हैं. शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच रहा है. देश में आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है. सीएम ने कहा कि लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए किए जा रहे बदलावों के परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं. स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और तकनीक के क्षेत्र में नए संस्थान और सुविधाएं विकसित हुई हैं.
‘देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्क’
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘चार जातियों’ के विजन का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, महिला और किसान पर केंद्रित योजनाओं से समाज के बड़े वर्ग को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर देश को अराजकता, असमानता और अशिक्षा से पूरी तरह मुक्त करना है तो देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा. सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का इस्तेमाल किया गया.
मुख्यमंत्री ने रोजगार, आधुनिक तकनीक, मेडिकल कॉलेज, एम्स, रेलवे, मेट्रो, रैपिड रेल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है.
शहीदों और इंस्पेक्टर सुनील कुमार को किया नमन
सीएम योगी ने स्वतंत्रता संग्राम के सभी सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित देश के महान नेताओं को याद किया. उन्होंने स्वतंत्र भारत की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को विशेष रूप से याद किया. उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी बनाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया. उन्होंने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले उत्तर प्रदेश के अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी बधाई दी.
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने क्षेत्र में योगदान देना होगा. सामूहिक प्रयास और राष्ट्रहित की भावना के साथ देश स्वतंत्रता की यात्रा को आगे भी मजबूती से जारी रख सकता है.
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