खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर गंगा का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट
उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक हो रही लगातार बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर पड़ने लगा है. हरिद्वार में गंगा नदी खतरे के निशान से 45CM ऊपर बह रही है.

उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक हो रही लगातार बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर भी पड़ने लगा है. हरिद्वार में पिछले 48 घंटों से हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है. सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर 293.45 मीटर पर है, जो चेतावनी स्तर से करीब 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.
उनके मुताबिक, अभी गंगा नदी का जलस्तर और भी बढ़ सकता है. स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग पूरी तरह सतर्क है. बांधों की लगातार पेट्रोलिंग कराई जा रही है. जिला प्रशासन के साथ-साथ डाउनस्ट्रीम के जनपदों को जलस्तर व डिस्चार्ज की जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जा रही है.
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सुरक्षा को लेकर लोगों किया जा रहा है जागरूक
सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि तटीय क्षेत्रों में रहने वाली आबादी और पशुपालकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा मुनादी, व्हाट्सऐप ग्रुप और मीडिया के माध्यम से समय-समय पर चेतावनी जारी की जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सके.
अपस्ट्रीम में सभी स्टेशनों के अधिकारियों के साथ संपर्क
उन्होंने बताया कि अपस्ट्रीम में श्रीनगर डैम, देवप्रयाग तथा भागीरथी और अलकनंदा नदी की कैचमेंट में स्थित सभी स्टेशनों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है. केंद्रीय जल आयोग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन कार्यालय के साथ भी बेहतर समन्वय किया जा रहा है.
'आपात स्थिति के लिए पूरी तरह मुस्तैद'
उनके मुताबिक, डाउनस्ट्रीम में चौधरी चरण सिंह बैराज, बिजनौर, नरौरा बैराज, बुलंदशहर सहित अन्य जनपदों को भी जलस्तर और डिस्चार्ज की सूचनाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं. सिंचाई विभाग और प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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