गोरखपुर: डीडीयू छात्रसंघ बहाली को लेकर अनोखा प्रदर्शन, दो छात्रों ने शुरू की ‘न्याय दंडवत यात्रा’, पुलिस से हुई नोंकझोंक
Gorakhpur News: छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर शुरू की गई ये न्याय दंडवत यात्रा लखनऊ स्थित राजभवन पर पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ज्ञापन सौंपकर सम्पन्न होगी.छात्रों की पुलिस से नोंकझोंक हुई.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराकर छात्रसंघ बहाल करने की मांग तेज हो गई है. विश्वविद्यालय के छात्र लगातार आंदोलन और अनोखा प्रदर्शन करके सरकार और राजभवन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. गोरखपुर विश्वविद्यालय के दो छात्रों ने अर्ध भू-समाधि, जल सत्याग्रह के बाद ‘न्याय दंडवत यात्रा’ शुरू की है.
छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर शुरू की गई ये न्याय दंडवत यात्रा लखनऊ स्थित राजभवन पर पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ज्ञापन सौंपकर सम्पन्न होगी. इस दौरान छात्रों की पुलिस से हल्की नोंकझोंक भी हुई.
कैंट पुलिस से नोंकझोंक
गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से एमजे अंतिम वर्ष के छात्र व छात्रनेता सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह ने सोमवार 11 अगस्त को न्याय दंडवत यात्रा का शुभारंभ किया. इस दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय से हरिओमनगर तक पहुंचे, तो उनकी गोरखपुर की कैंट पुलिस से हल्की नोंकझोंक भी हुई. शहर के मुख्य मार्गों पर सड़क पर दंडवत यानी लेटकर आगे बढ़ते हुए छात्रों को देखकर वहां से गुजरने वाले शहरवासी भी हैरत में पड़ गए. विश्वविद्यालय में साल 2006 के छात्रसंघ चुनाव में श्रीकांत मिश्रा अध्यक्ष चुने गए. इसके बाद 10 साल तक चुनाव नहीं हो सका. साल 2016 में कुलपति प्रो. अशोक कुमार के कार्यकाल में हुए छात्रसंघ चुनाव में अमन यादव ने जीत हासिल की. इसके बाद पूरे 10 होने जा रहे हैं, लेकिन छात्रसंघ चुनाव नहीं हो सका है.
छात्रसंघ चुनाव खत्म करना एक साजिश
गोरखपुर विश्वविद्यालय के एमजे अंतिम वर्ष के छात्र सतीश प्रजापति व उज्जवल सिंह ने कहा कि वे गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाल कराना चाहते हैं. उनके पहले भी छात्रनेताओं ने छात्रसंघ बहाल करने के लिए आंदोलन किया है. छात्र राजनीति की नर्सरी से कई बड़े नेता राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचे हैं. ऐसे में विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव को खत्म कर देना देश की राजनीति में पहुंचने वाले नेताओं की राजनीति को समाप्त करने के बराबर है. ऐसे में वे छात्रसंघ बहाल करने की मांग को लेकर न्याय दंडवत यात्रा निकाल रहे हैं.
लखनऊ राजभवन में होगी सम्पन्न
ये यात्रा एक माह, दो माह या तीन माह जितना भी समय लगेगा वो राजभवन लखनऊ जाकर सम्पन्न होगी. इस दौरान अलग-अलग शहरों में उनका पड़ाव होगा. राजभवन पहुंचकर वे छात्रसंघ बहाल करने की मांग का मांगपत्र राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल को सौंपकर छात्रसंघ चुनाव कराने की अनुमति देने की मांग करेंगे.
सड़क पर उतरना मजबूरी
दोनों छात्रनेता का साथ देने के लिए आए गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व दिव्यांग छात्रनेता पूर्व न्यायिक समिति के सदस्य पवन सिंह ने कहा कि जब सरकार और प्रशासन निरंकुश हो जाता है, तो सड़क पर आंदोलन के लिए उतरना पड़ता है. जिला प्रशासन से परमीशन लेकर ये यात्रा शुरू की गई है. इसके बावजूद पुलिस द्वारा हम लोगों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रसंघ की किसी भी कीमत पर बहाली होनी चाहिए. छात्र समागम हुआ था. उसमें मांग उठाई गई थी. मुख्यमंत्री की ओर से कोई सुगबुगाहट नहीं दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि सड़क से लेकर सदन तक वे लोग संघर्ष करेंगे.
छात्रसंघ बहाल तक जारी रहेगा आन्दोलन
गोरखपुर विश्वविद्याल की पूर्व छात्रनेत्री व कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता अन्नू प्रसाद और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रनेता व सपा के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर गौड़ ने कहा कि सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह छात्रनेता हैं. उन्होंने अनोखा प्रण लिया है. गोरखपुर समेत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल होना चाहिए. इसके लिए इनकी ये न्याय दंडवत यात्रा सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए एक संदेश है. ये आंदोलन आगे भी चलता रहेगा. उन्होंने कहा कि पूर्व व वर्तमान छात्रनेता छात्रसंघ बहाल करने की मांग को लेकर खड़े रहेंगे.
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Source: IOCL





















