गोरखपुर बनेगा 'क्लीन सिटी', शुरू होगा 721 करोड़ का सीवरेज प्रोजेक्ट, 43 हजार घरों को मिलेगा कनेक्शन
Gorakhpur Sewerage Project: गोरखपुर में योगी सरकार ने 721 करोड़ की सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी. अमृत-2.0 के तहत 43,604 घरों को कनेक्शन मिलेगा. 17 वार्डों में 342 किमी सीवर लाइन बिछेगी.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर को क्लीन सिटी बनाने के अभियान के तहत योगी सरकार शहरी क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क का लगातार विस्तार करने में जुटी है. सीवरेज प्रबंधन के लिए नगर निगम गोरखपुर के क्षेत्र को कुल आठ जोन में विभक्त कर कार्ययोजना बनाई गई है. इन आठ जोन में कुल 2318 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है, जिससे करीब ढाई लाख घरों को सीवर कनेक्शन से जोड़ दिया जाएगा.
इस व्यवस्था से शहरी क्षेत्र की करीब तेरह लाख आबादी को फायदा होगा. सीवरेज प्रबंधन को लेकर गोरखपुर महानगर में 1858.34 करोड़ रुपये के कार्य या तो पूरे हो गए हैं या निर्माणाधीन हैं.
नई परियोजना को मिली मंजूरी
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 721.40 करोड़ रुपये की एक और सीवरेज नेटवर्क परियोजना को मंजूरी मिल गई है. सीवरेज योजना जोन-ए-3 से संबंधित यह परियोजना अटल नवीकरण और शहरी रूपान्तरण मिशन-2.0 (अमृत-2.0) के अंतर्गत क्रियान्वित होगी.
अमृत कार्यक्रम के अंतर्गत गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए पार्ट 1 (उत्तरी भाग) में 136.28 करोड़ रुपये की लागत से 64.20 किमी सीवर लाइन बिछाकर 6745 घरों को सीवर कनेक्शन दिया जा चुका है. इसी तरह गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए पार्ट 1 (दक्षिणी भाग) में 192.02 करोड़ रुपये की लागत से 109 किमी सीवर लाइन बिछाई गई है और इससे 11008 घरों को सीवर कनेक्शन दिया गया है. इस परियोजना में 5 एमएलडी की एसटीपी भी स्थापित की गई है.
अमृत कार्यक्रम के ही तहत गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी-2 पार्ट 1 में 223.86 करोड़ रुपये की लागत से 69.70 किमी सीवर लाइन बिछाई गई और 12876 घरों को सीवर कनेक्शन जारी किया गया. इस प्रोजेक्ट में 10 एमएलडी की एसटीपी स्थापित कराई गई.
मार्च 2026 तक परियोजना पूरी होगी
गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी-2 पार्ट 2 में अमृत कार्यक्रम के अंतर्गत वर्तमान में 561.34 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना पर काम जारी है. इसके जरिये 188.47 किमी सीवर लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है. 30 एमएलडी की एसटीपी की स्थापना भी परियोजना में शामिल है. इस परियोजना के पूर्ण होने पर 43963 घरों को सीवरेज कनेक्शन मिल जाएगा.
जल निगम शहरी के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार के मुताबिक गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी-2 पार्ट 2 में करीब 165 किमी सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है. इसी साल मार्च 2026 तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा.
गोड़धोइया नाला योजना में 38 एमएलडी की एसटीपी
अमृत कार्यक्रम के अंतर्गत सीवरेज प्रबंधन के लिए 495.24 करोड़ रुपये की लागत वाली गोड़धोइया नाला योजना में 38 एमएलडी की एसटीपी निर्माणाधीन है. जबकि 53.03 करोड़ रुपये की लागत वाली कटनिया-महेवा नाले के इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन की योजना में भी 10 एमएलडी की एसटीपी बनवाई जा रही है.
सीवरेज प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए अमृत कार्यक्रम के अलावा राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम की भी मदद ली गई है. राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम के तहत 196.57 करोड़ रुपये की परियोजना में जोन ए 1 में 15 एमएलडी और जोन ए 2 में 30 एमएलडी की एसटीपी की स्थापना कराई जा चुकी है.
43 हजार से अधिक घरों को कनेक्शन
योगी सरकार ने गुरुवार को गोरखपुर सीवरेज योजना जोन-ए-3 से संबंधित 721.40 करोड़ रुपये की जिस परियोजना को मंजूरी दी है, उससे 43,604 घरों को सीवरेज कनेक्शन मिलेगा. इस परियोजना के तहत 17 वार्डों में 342.19 किमी सीवर लाइन बिछाई जाएगी.
यह परियोजना गोरखपुर को स्वच्छ और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे न केवल सीवरेज प्रबंधन में सुधार होगा बल्कि शहर की स्वच्छता और जनस्वास्थ्य में भी सुधार आएगा.
























