गोरखपुर में सड़क किनारे मिली महिला की नग्न हालत में लाश, सिर कुचलकर पहचान मिटाने की कोशिश
UP News: गोरखपुर के बैरघट्टा गांव के बाहर मुख्य सड़क आज सुबह महिला लाश मिली. जिसमें महिला के सिर और चेहरे को बेहरैमी से कूंचकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई और शरीर पर एक भी वस्त्र नही मिला.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आज 30 जनवरी की सुबह महिला की खाली सड़क किनारे लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल हुई है. पुलिस को शक है कि महिला की अन्यत्र बेहरमी से हत्या करने के बाद शव को घटनास्थल पर लाकर फेंक दिया गया. महिला के सिर और चेहरे को बेहरैमी से कूंचकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई और शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं मिला. वही शव के अन्य हिस्सों में चोट के गंभीर निशान भी मिले हैं. पुलिस ने मामले पर दो टीमें गठित कर लाश की पहचान करने में जुटी है.
महिला की पहचान छुपाने के लिए चेहरे को किया गया क्षतिग्रस्त
गोरखपुर के पीपीगंज थानाक्षेत्र के बैरघट्टा गांव के बाहर मुख्य सड़क पर पुल के पास सुबह टहलने निकले लोगों ने महिला की लाश को देखकर पुलिस को इसकी सूचना दी. मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों के साथ पुलिस, डॉग स्क्वायड और फारेंसिक टीम ने मामले की जांच-पड़ताल की है. मौके पर पहुंचे गोरखपुर के एसएसपी और अन्य अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर लाश को पहचाने का प्रयास किया. वहीं सीसीटीवी और सर्विलांस के माध्यम से भी जांच की जा रही है कि वहां देर रात से सुबह तक आने वाले वाहनों के बारे में सीसीटीवी की मदद से पता लगाया जा सके.
पुलिस के आलाधिकारियों की मानें तो ये साफ है कि हत्या कहीं और करने के बाद लाश को यहां पर लाकर फेंका गया है. महिला की पहचान छुपाने के लिए उसके सिर और चेहरे को किसी भारी चीज से क्षतिग्रस्त किया गया. पुलिस का कहना है कि सिर पर गंभीर चोट की वजह से स्पष्ट पता चलाता है कि यह हत्या है. माथे के बाईं ओर गन शॉट जैसे निशान संदेह भी पैदा कर रहे हैं. वहीं गले में एक गमछा जैसा कपड़ा भी लपेटा हुआ मिला है. पुलिस की दोनों टीमें इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए जुट गई है.
मामले पर दो टीमों को किया गया गठित- एसएसपी राजकरण नैयर
गोरखपुर के एसएसपी राजकरण नैयर के साथ अन्य अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की है. गोरखपुर के एसएसपी राजकरण नैयर ने बताया कि पीपीगंज थानाक्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली है. सूचना मिलते ही मौके पर डॉग स्क्वायड, फोरेंसिक टीम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर जांच पड़ताल की है. प्रथम दृष्टया समझ में आ रहा है कि शव के सिर पर जो चोट है उसकी वजह से मौत हुई है.
घटनास्थल देखकर ये समझ में आ रहा है कि घटना यहां पर नहीं हुई है. घटना कहीं और हुई है और शव को यहां पर लाकर फेंका गया है, जिससे पुलिस को गुमराह किया जा सके. अन्य निशान से पहचान छुपाने की कोशिश की गई है, जिससे पुलिस शव की पहचान नहीं कर सके. इस मामले पर दो टीमों का गठन किया गया है. एक टीम शव की पहचान में लगी है. दूसरी टीम सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान के लिए जुटी है.






















