चमत्कार..! सड़क हादसे में घायल युवक को डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, घर ले जाते वक्त लौटीं सांस
UP News: तुरकौली गांव निवासी उमेश निषाद को सड़क हादसे में घायल होने के बाद डॉक्टरों ने कथित तौर पर उसे मृत घोषित कर दिया. जब घर ले जा रहे थे, तब उसकी सांसे लौट आईं.

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, यहां कथित तौर पर डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए शख्स की घर ले जाते सांस लौटी है. जिसके बाद आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने युवक को जीवित बताते हुए भर्ती कर लिया. इस घटना से मायूस परिजनो मे परिजनों में खुशी लौट आई है, वहीं लोग इसे ईश्वर की कृपा मान रहे हैं.
दरअसल, यह पूरा मामला गोंडा जिले के सचित्र नवाबगंज सवाददाता थाना क्षेत्र के तुरकौली गांव से सामने आया है.यहां रहने वाले एक युवक को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद जब परिजन शव लेकर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उसकी सांसें चलने लगीं.
सड़क हादसे में घायल हुआ था युवक
जानकारी के मुताबिक, थाना क्षेत्र के तुरकौली गांव निवासी उमेश निषाद सोमवार की शाम गांव के ही राजकुमार यादव के साथ बाइक से कटरा शिवदयालगंज से घर लौट रहे थे. तभी वे बालापुर गांव के पास सड़क हादसे में घायल हो गए, इलाज के दौरान बुधवार को राजकुमार यादव की मौत हो गई. वहीं, गंभीर रूप से घायल उमेश निषाद का इलाज उसी अस्पताल में चल रहा था. बृहस्पतिवार की सुबह अस्पताल के डॉक्टरों ने उमेश को भी मृत घोषित कर दिया. परिजन शव को लेकर गांव की ओर रवाना हुए.
अचानक चलने लगी युवक की सांसे
उमेश की भाभी कोमल ने बताया कि रास्ते में वजीरगंज के पास मैने और मेरे घरवालों ने देखा कि अचानक उमेश की सांसें चलने लगी हैं. हाथ और पैर में भी हरकत हो रही है. यह देखकर हम घबरा गए और तुरंत उसे नवाबगंज के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे जीवित बताया और भर्ती कर लिया.
उमेश के जीवित होने से परिवार में छाई खुशी
उमेश के जीवित होने की खबर मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई. वहीं, क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग कह रहे हैं ,जिसे ईश्वर बचाना चाहता है, उसे कोई नहीं मार सकता. हालांकि उमेश निषाद की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.उसे शुक्रवार अयोध्या मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
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