गोंडा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा नदी, तेज बहाव के कारण तटों का हो रहा कटान
Gonda News In Hindi: गोंडा में घाघरा नदी उफान पर है और नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 सेमी ऊपर बह रही है. वहीं, तेज बहाव के कारण तटों का कटान हो रहा है.

उत्तर प्रदेश के गोंडा में घाघरा नदी (Ghaghara River) उफान पर है, नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बढ़ गया है. इस बीच नवाबगंज क्षेत्र के दत्तनगर के बाणी माझा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें घाघरा नदी की तेज धारा जमीन के साथ-साथ बड़े-बड़े पेड़ों को भी काटते हुए दिखाई दे रही है. घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, इसके साथ ही आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
दरअसल, जिले के नवाबगंज के दत्तनगर स्थित बाणी माझा का यह वीडियो घाघरा नदी के रौद्र रूप को बयां कर रहा है. तेज बहाव के कारण नदी लगातार तटों का कटान कर रही है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह जमीन दरक रही है और उसके साथ विशाल पेड़ नदी में समाते जा रहे हैं. यह दृश्य इलाके के लोगों में दहशत पैदा कर रहा है.
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नदी किनारे इलाके में बसे लोगों की बढ़ीं चिंता
सिंचाई विभाग के अनुसार, घाघरा नदी में ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है. नेपाल क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका है. ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है. वहीं, बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा बांधों पर कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके.
कर्नलगंज और तरबगंज तहसीलें संवेदनशील
बता दें कि हर वर्ष की तरह इस बार भी गोंडा की कर्नलगंज और तरबगंज तहसीलें बाढ़ की सबसे अधिक संवेदनशील मानी जा रही हैं. प्रशासन इन क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थिति की पल-पल निगरानी की जा रही है. फिलहाल घाघरा का बढ़ता जलस्तर और तेज कटान नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
फिलहाल, नदी के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है. आने वाले कुछ दिन घाघरा के किनारे बसे इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.
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