यूपी का सबसे महंगा प्रोजेक्ट होगा विंध्य एक्सप्रेसवे, सीएम योगी ने दी मंजूरी, प्रति किमी इतने करोड़ होगी लागत
Vindhya Expressway: सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है. विंध्य एक्सप्रेसवे के बनने से सोनभद्र पूरे प्रदेश के एक्सप्रसवे के नेटवर्क से सीधा जुड़ जाएगा.

पूर्वांचल से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य स्पर लिंक एक्सप्रेसवे को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है. इन दोनों परियोजनाओं के तहत 464 किमी सड़क निर्माण होना है. ये प्रदेश का अब तक का सबसे महंगा एक्सप्रेस वे होने जा रहा है. इसके निर्माण पर कुल 26,315 करोड़ रुपये खर्च होंगे. विंध्य एक्सप्रेसवे के एक किलोमीटर सड़क निर्माण की लागत करीब 79 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है.
विंध्य एक्सप्रेस और विंध्य स्पर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए सरकार ने ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत क़रीब 4,900 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसके लिए इसके आसपास के करीब 464 गांवों पर असर पड़ेगा. हाईवे के किनारे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस परियोजनाएं प्रति किमी सबसे महंगी होंगी. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से इसका चिन्हीकरण भी कर लिया गया गया है.
योगी कैबिनेट ने दी विंध्य एक्सप्रेसवे को मंजूरी
मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है. विंध्य एक्सप्रेसवे के बनने से सोनभद्र पूरे प्रदेश के एक्सप्रसवे के नेटवर्क से सीधा जुड़ जाएगा. जिसके निर्माण में 26,315 करोड़ रुपये खर्च होंगे. लागत के हिसाब से विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए पर प्रति एक किलोमीटर सड़क निर्माण में 79 करोड़ रुपये लगेंगे, जबकि स्पर लिंक एक्सप्रेसवे में प्रति किमी 77 करोड़ की लागत आएगी.
यूपी का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे
ये एक्सप्रेसवे अब तक का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे होगा. इसके साथ रुपये प्रति किमी के हिसाब से प्रदेश की सबसे महंगी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाएं होंगी. इससे पहले दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस पर 43-44 करोड़ रुपये, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 66-67 करोड़ रुपये, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 50-52 करोड़ रुपये प्रति किमी खर्च हुए थे.
विंध्य एक्सप्रेस के सबसे महंगा होने की बड़ी वजह यहां की भौगोलिक परिस्थितियां, बड़े-बड़े पुल, सुरंगें और अधिक भूमि अधिग्रहण होने की वजह से लागत बढ़ी है. ये दोनों परियोजनाएं पूरी होने के बाद सोनभद्र पूर्वांचल और दूसरे बड़े एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा.
यूपी में बुलडोजर एक्शन सही या गलत? इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीशों में मतभेद, अब CJ करेंगे फैसला?
























