गोंडा में घाघरा-सरयू का कहर, खतरे के निशान से ऊपर पानी; 700 गांव प्रभावित
गोंडा में घाघरा और सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं. घाघरा 48 और सरयू करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. बाढ़ के चलते जनपद के 700 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं.

उत्तर प्रदेश के गोंडा में घाघरा और सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है. जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि गिरिजा और शारदा बैराज से करीब 3.80 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है. घाघरा नदी 48 सेंटीमीटर और सरयू नदी करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.
जलस्तर बढ़ने से प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़कर करीब 100 हो गई है, जबकि लगभग 1 हजार की आबादी प्रभावित बताई गई है. प्रशासन ने राहत एवं बचाव के लिए 18 बाढ़ चौकियां सक्रिय की हैं. प्रभावित क्षेत्रों में नाव, राहत सामग्री, त्रिपाल और लंच पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. पुलिस, मेडिकल और राहत टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं.
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700 गांव बाढ़ से प्रभावित
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि दो तहसीलों के करीब 700 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. बांधों पर कटान रोकने के लिए इमरजेंसी सामग्री उपलब्ध कराई गई है. पानी उतरने के बाद फसलों के नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.
पशुपालकों को अब तक करीब 350 क्विंटल भूसा वितरित किया जा चुका है. जंगल क्षेत्रों में जंगली जानवरों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. पानी उतरने के बाद सफाई, चूने के छिड़काव और क्लोरीन टैबलेट की व्यवस्था भी की जाएगी.
बाढ़ का पानी बढ़ने के आसार
बाढ़ बुलेटिन के अनुसार नदी का जलस्तर आगामी दिनों में बढ़ाने के आसार हैं. जिससे बाढ़ पीड़ितों की मुसीबत और भी बढ़ाने वाली है. नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर होने से गोंडा के दो तहसील क्षेत्र कर्नलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्र के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और लोगों की दुश्वारियां बढ़ाना शुरू हो गई हैं.
तरबगंज तहसील क्षेत्र के ऐली परसौली के केवटही गांव घाघरा नदी का पानी पहुंच रहा है. गांव के गांव टापू में तब्दील हो रहे हैं और कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है जिससे लोग ऊंचे स्थान पर रहने को मजबूर हैं. बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि जिला प्रशासन को नाव की व्यवस्था करवानी चाहिए. ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पशुओं के चारे के लिए किल्लत हो गई है.
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