3 पत्नियां, धर्म परिवर्तन, पुरानी मौत का राज! गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड केस में नए खुलासे
Ghaziabad: गाजियाबाद में 3 सगी बहनों की मौत की जांच में परिवार, शादियों और आर्थिक तंगी से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. मोबाइल फोन, विरोधाभासी बयान और पुराने हादसे भी जांच के दायरे में हैं.

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में 3 नाबालिग सगी बहनों की मौत का मामला सामने आने के बाद जांच में लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. घटना का मामला सामने आया तो पिता के बयान और कमरे की स्थिति के अनुसार इसे ऑनलाइन गेम से जुड़ा मामला बताया जाने लगा.
लेकिन जब पुलिस ने आगे जांच की तो इस घटना में पारिवारिक उलझनें, आर्थिक तंगी और विरोधाभासी बयानों की परतें खुलने लगी. यह घटना इसी हफ्ते गाजियाबाद के भारत सिटी सोसायटी की नौवीं मंजिल पर हुई, जहां तीनों बहनों के गिरने से मौत हो गई. मामले में मृतक बच्चियों के पिता चेतन कुमार और उनका पूरा पारिवारिक ढांचा जांच के केंद्र में है.
पिता की 3 पत्नियां खड़े कर रहे अहम सवाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन कुमार भारत सिटी सोसायटी में अपनी 3 पत्नियों के साथ रह रहा था. पहली पत्नी सुजाता से उसे एक बेटी और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है. दूसरी पत्नी हीना, जो सुजाता की सगी बहन है, उससे चेतन की दो बेटियां हैं. तीसरी पत्नी टीना है, जिसकी उम्र 22 साल है और उससे चेतन की 3 साल की बेटी है.
ACP शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह के मुताबिक तीसरी पत्नी टीना मुस्लिम थी, जिसने 2023 में शादी से पहले अपना धर्म परिवर्तन किया. हालांकि चेतन द्वारा बताए गए शादी के सालों और बच्चों की उम्र में विरोधाभास हैं, जिससे शादी की समयरेखा और संदिग्ध हो गई है.
बयानों में गोलमाल से शक हुआ गहरा!
पुलिस के अनुसार चेतन ने पहले दावा किया था कि उसने सुजाता से 2010 में और हीना से 2013 में शादी की. लेकिन सुजाता की 16 वर्षीय बेटी इस दावे पर सवाल खड़े करती है. इसके अलावा चेतन पहले टीना को पत्नी मानने से इनकार कर चुका है और उसे साली बताया था. पुलिस अब विवाह से जुड़े दस्तावेज जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन दोनों पत्नियां अशिक्षित हैं और उन्हें शादी की तारीख या कागजात की कोई जानकारी नहीं है. इससे केस की जांच और जटिल हो गई है.
आर्थिक तंगी और मोबाइल फोन की भूमिका
जांच में सामने आया है कि चेतन कुमार पर भारी कर्ज था और परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था. बच्चियों ने कई साल पहले स्कूल जाना छोड़ दिया था. परिवार के सभी सदस्य 3 बेडरूम के फ्लैट में रहते हुए भी एक ही कमरे में सोते थे. पुलिस के मुताबिक तीनों बच्चियां देर रात तक जागती थीं, आपस में बात करती थीं और हमेशा साथ रहती थीं, इसलिए उनके कमरे से बाहर जाने पर किसी को शक नहीं हुआ.
बच्चियों के पास पहले दो मोबाइल फोन थे, जिन्हें चेतन ने कर्ज चुकाने के लिए बेच दिया. एक फोन 6 महीने पहले और दूसरा घटना से 15 दिन पहले बेचा गया था. पुलिस दोनों मोबाइल फोन के IMEI नंबर के जरिए ट्रैकिंग की कोशिश कर रही है, हालांकि फोन फॉर्मेट होने के कारण डेटा मिलने की संभावना कम है. इसी बीच परिवार से जुड़ी एक पुरानी मौत भी फिर चर्चा में आ गई है.
एक पुरानी मौत का मामला आया सामने!
सुजाता और हीना के पिता विनोद कुमार ने बताया कि करीब छह से सात साल पहले चेतन की बड़ी बेटी के जन्मदिन पर उनकी एक अन्य बेटी चेतन के घर आई थी. उस दौरान कपड़े उतारते समय वह तीसरी मंजिल की बालकनी से गिर गई थी और उसकी मौत हो गई थी. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उस मामले में कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी. अब इस पुराने हादसे को भी मौजूदा जांच से जोड़कर देखा जा रहा है.
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Source: IOCL
























