Ghaziabad News: शहर में मौत का सिस्टम! तीन मासूम समेत 4 की गई जान, जिम्मेदार कौन?
Ghaziabad News In Hindi: शहर के विजयनगर थाना क्षेत्र में गुरूवार को सर्वोदय नगर में रहने वाले सूरज की तीन साल की बच्ची मानवी उर्फ पल्लवी की घर के बाहर गड्ढे में गिरकर मौत हो गयी.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रसाशनिक उदासीनता और लापरवाही ने महज दो दिनों चार जिंदगियां लील लीं. यही नहीं कार्रवाई के नाम पर कोरा आश्वासन और विभाग की जिम्मेदारी भी तय नहीं की जा रही है. जिसके बाद लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है. इन मौतों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं. इन मौतों का जिम्मेदार नगर निगम, विद्युत विभाग होना चाहिए, लेकिन कार्रवाई में विभाग का नाम तक नहीं है. ये हाल तब है जब दिल्ली से सटे होने के बाद भी यहां हद दर्जे की लापरवाही देखने को मिल रही है.
तीन साल की पल्लवी की मौत
शहर के विजयनगर थाना क्षेत्र में गुरूवार को सर्वोदय नगर में रहने वाले सूरज की तीन साल की बच्ची मानवी उर्फ पल्लवी की घर के बाहर गड्ढे में गिरकर मौत हो गयी. परिवार वाले बच्ची को ढूंढ रहे थे तो बच्ची का शव तैरता हुआ ऊपर आया, जब तक परिजन उसे अस्पताल ले गए सांसें नहीं बचीं थीं. लिखित शिकायत और प्रदर्शन के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. मृतक के पिता सूरज ने बताया कि अभी तक कोई नहीं हम इंतजार कर रहे हैं.
7 साल के पोलो का शव गड्ढे में मिला
गुरूवार को ही अनुकर विहार निवासी सतीश का सात वर्षीय पुत्र पोलो अचानक गायब हो गया, उसका शव शुक्रवार को झुग्गी के पास एक गड्ढे में तैरता मिला. पोलो कबाड़ बीनने का काम करता था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है.
मसूरी में 9 वर्षीय शाद की मौत
ठीक इसी तरह मसूरी थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय शाद की घर के बाहर खाली प्लाट में भरे पाई में डूबने से मौत हो गयी. परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया. जब मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने इंकार कर दिया.
इंदिरापुरम में सिक्योरिटी गार्ड की करंट से मौत
शहर की सबसे पॉश कालोनी में से एक इंदिरापुरम में 24 वर्षीय नरेंद्र सिक्योरिटी गार्ड था, दोपहर में खाना खाकर लौटते समय लोहे के जाल पर हाथ लगने से करंट लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ तहरीर भी दी, लेकिन पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया. स्थानीय निवासी गौरव जैन और सुनील रावत ने बताया कि एफआईआर के लिए चौकी से थाने तक चक्कर कटवाए गए. जब तहसीलदार मुआयना करने आए तो सब हंस रहे थे.
पुलिस ने किया कार्रवाई का दावा
एसीपी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, लेकिन विभाग का नाम उन्होंने भी नहीं लिया. इसके अलावा बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता अवधेश कुमार भी अपने ऑफिस में नहीं मिले.
दो दिन में हुईं चार मौतों ने मौजूदा सिस्टम पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर आम आदमी की मौत से कोई फर्क क्यों नहीं पड़ता ? जबकि गरीब और न जाने कितने लोग रोजाना विभागों की लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं.
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