GDA बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, किसानों को मिलेगा भूखंड- औद्योगिक टाउनशिप और नई आवासीय योजना को मंजूरी
Ghaziabad News: गाजियाबाद की औद्योगिक पहचान को नया आयाम देने के लिए ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डीलना में 251 हेक्टेयर भूमि पर आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप-सह-लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की मंजूरी दी गई.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 170वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को मेरठ मंडल के आयुक्त एवं प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता में संपन्न हुई. उपाध्यक्ष अतुल वत्स सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में कुल 16 प्रस्ताव रखे गए, जिन पर कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए.
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि लंबे समय से अटकी मधुबन-बापूधाम योजना को गति देने का फैसला रहा. वर्ष 2004 से भूमि अधिग्रहण की दिक्कतों, किसानों के विरोध और कानूनी अड़चनों के चलते यह योजना ठप पड़ी थी. अब प्रभावित किसानों को 6 प्रतिशत विकसित भूमि और उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित 20 प्रतिशत भूखंड उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है.
जल्द किसानों को मिलेंगे भूखंड
इसके साथ ही श्मशान के पास आवंटित भूखंडों को स्थानांतरित कर योजना में आवश्यक संशोधन किए गए. इस फैसले से किसानों और आवंटियों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी और लगभग 4000 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां अनलॉक होंगी. प्राधिकरण शीघ्र ही लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किसानों को भूखंड उपलब्ध कराएगा.
इसके अलावा, गाजियाबाद की औद्योगिक पहचान को नया आयाम देने के लिए ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डीलना में 251 हेक्टेयर भूमि पर आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप-सह-लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की मंजूरी दी गई. इस परियोजना से बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
किफायती घर बनेंगे
शहर की बढ़ती जनसंख्या और आवासीय जरूरतों को देखते हुए बोर्ड ने नई आवासीय योजना हरनन्दीपुरम का भी प्रस्ताव पारित किया. आठ गांवों की भूमि पर आधारित यह योजना बीस वर्षों बाद गाजियाबाद में शुरू होने जा रही है. इसमें अधिकांश भूमि सहमति से खरीदी जाएगी, जबकि शेष भूमि का अधिग्रहण पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 के तहत होगा. यह योजना किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर होगी.
उत्सव भवन का होगा निर्माण
जनसामान्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उत्सव भवन के निर्माण का भी निर्णय लिया गया, जहां शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रम किफायती दरों पर आयोजित किए जा सकेंगे. शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाते हुए ग्राम डासना की 8.93 हेक्टेयर भूमि, जो सुन्दरदीप एजुकेशनल सोसाइटी के पास है, को कृषि से संस्थागत उपयोग में बदलने की मंजूरी दी गई. इससे शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाएँ खुलेंगी.
साथ ही गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर महायोजना-2031 के शेष क्षेत्रों के लिए जोनल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने हेतु कंसलटेंट्स चयन का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया, जो भविष्य में सुनियोजित विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा.
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Source: IOCL






















