'पूरब के मैनचेस्टर' का लौटेगा सुनहरा दौर, कानपुर में 125 एकड़ में बनेगा फुटवेयर पार्क
Kanpur Footwear Park: कानपुर के चमड़ा उद्योग में जान डालने के लिए सरकार ने एक खास योजना बनाई है. सरकार के इस पहल से चमड़ा कारोबारियों में उत्साह है, वह इसे एक नए अवसर के रुप में देख रहे हैं.

Kanpur News Today: कानपुर का चमड़ा उद्योग पूरी दुनिया में मशहूर है. इसलिए इसे पूरब का मैनचेस्टर कहा जाता है. यहां पर बने हुए लेदर के उत्पाद अपनी गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं, जिसकी डिमांड पूरी दुनिया में है. हालांकि लेदर उद्योग हब का टैग रखने वाले कानपुर में यह उद्योग विलुप्त हो रहा था.
लेदर उद्योग में जान डालने के लिए सरकार ने एक नई योजना बनाई है. इसके तहत कानपुर के रमईपुर क्षेत्र में एक बड़ा फुटवेयर पार्क बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे तरक्की के रास्ते खुलेंगे और फिर से एक बार देश दुनिया में कानपुर के चमड़ा उद्योग को पहचान मिलेगी.
फुटवेयर पार्क के लिए जमीन चिन्हित
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं और जल्द ही इस प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा. यूपीसीडा ने इस फुटवेयर पार्क को स्थापित करने के लिए कानपुर से जुड़े हुए रमईपुर क्षेत्र में 125 एकड़ जमीन चिन्हित की.
यहां सौ से अधिक फुटवेयर इकाइयां स्थापित करने को लेकर काम किया जा रहा है. चमड़ा उद्योग से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि इस पहल से एक बार फिर से कानपुर को अपनी पहचान मिलेगी और कारोबारियों को फिर से इस उद्योग को जिंदा करने का मौका मिलेगा. इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा.
30 फीसदी बढ़ेगा कारोबार
लेदर कारोबारी असद ईराकी का कहना है कि इस पार्क के बनने से एक बार फिर से कानपुर में बनने वाले लेदर प्रोडक्ट डिमांड पूरी दुनिया में बढ़ेगी. इस पार्क में स्थापित इकाइयों के शुरू होने से चमड़ा उद्योग में बड़ा उछाल आएगा. उन्होंने कहा कि इस पहल अमूमन 30 फीसदी तक कारोबार में बढ़ोतरी आएगी, जो कारोबारियों के लिए बेहतर अवसर होगा.
'हजारों को मिलेगा रोजगार'
इसमें तकरीबन 50 से ज्यादा लोग बड़े पैमाने पर लेदर के कारोबार से जुड़े हैं, जिन्हें देश दुनिया में जाना जाता है और उनके बनाए हुए फुटवेयर अपनी खास गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं. आईआईए के महामंत्री आलोक अग्रवाल का मानना है कि फुटवेयर पार्क के बनने से इस कारोबार से जुड़े हजारों कर्मचारियों की जीविका पर भी बड़ा असर पड़ेगा.
आलोक अग्रवाल के मुताबिक, चमड़े के कारोबार में जूते, पर्स, बेल्ट, जैकेट, बूट जैसे अलग- अलग क्षेत्र में कारोबारी काम करते हैं, इसको बनाने के अलग-अलग कर्मचारी होते हैं. वे अपनी कला में माहिर होते हैं. ऐसे में इसके बनने से हजारों लोगों की रोजी रोटी सुचारु रुप से चलने लगेगी.
'कारोबारियों को होगा फायदा'
यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने बताया कि इस पार्क के बनने से कारोबारियों को बड़ा फायदा मिलेगा. इसके अलावा पार्क से संबंधित सड़क, नाला, लाइट और बिजली व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है. इसके बनने से कानपुर का पुराना स्वरूप फिर से वापस आ जाएगा जाएगा. कारोबारियों ने इस पार्क में भूमि आवंटन को लेकर विभाग में अधिकारियों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है.
ये भी पढ़ें: 'विराट विजय की हार्दिक बधाई', PAK को हराने पर CM योगी ने टीम इंडिया को अलग अंदाज में दी बधाई
Source: IOCL























