Nobel Prize Transfer Rules: क्या कोई दूसरे को दे सकता है अपना नोबेल पुरस्कार, क्या हैं इसके नियम?
Nobel Prize Transfer Rules: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया ने अपना नोबेल पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप को दे दिया है. आइए जानते हैं कि क्या इस तरह नोबेल पुरस्कार को ट्रांसफर किया जा सकता है.

Nobel Prize Transfer Rules: हाल ही में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने व्हाइट हाउस में एक मीटिंग के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल देकर सुर्खियां बटोरी हैं. लेकिन इसी बीच एक सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या नोबेल पुरस्कार सच में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.
नोबेल पुरस्कार स्थायी और नॉन ट्रांसफरेबल होते हैं
नॉर्वेजियन नोबेल समिति और नोबेल शांति पुरस्कार के नियमों के मुताबिक एक बार जब नोबेल पुरस्कार आधिकारिक तौर पर दे दिया जाता है तो इसे रद्द नहीं किया जा सकता. इसी के साथ ना ही इसे बांटा जा सकता है और ना ही किसी और को ट्रांसफर किया जा सकता है. इसका सीधा सा मतलब है कि सम्मान, उपाधि और आधिकारिक पहचान हमेशा मूल विजेता के पास ही रहती है. अब इसके बाद भले ही यह फिजिकल मेडल किसी को भी दे दिया जाए.
मेडल को किया जा सकता है ट्रांसफर
मेडल और उससे जुड़ी नकद राशि विजेता की निजी संपत्ति बन जाती है. लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता होने का कानूनी और आधिकारिक दर्जा किसी और को नहीं दिया जा सकता. विजेता चाहे तो अपनी पसंद के मुताबिक अपने मैडल और पुरस्कार राशि को रख सकते हैं, उपहार में दे सकते हैं, बेच सकते हैं या फिर दान भी कर सकते हैं. लेकिन इससे जिस व्यक्ति को यह मेडल और पुरस्कार राशि दी गई है वह विजेता नहीं बन जाता.
प्राइज मनी कानूनी तौर पर अवार्ड मिलने के बाद प्राप्तकर्ता की हो जाती है. प्राप्तकर्ता कभी-कभी अपना कैश अवार्ड चैरिटी के कामों के लिए दान कर देते हैं या फिर उनका इस्तेमाल रिसर्च, मानवीय प्रोजेक्ट या एजुकेशनल प्रोग्राम को सपोर्ट करने के लिए करते हैं.
नियम इतने सख्त क्यों हैं
नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से स्थापित किए गए थे. आपको बता दें कि उनका प्रशासन सख्त नियमों का पालन करता है. ये नियम विवाद, राजनीतिक हेरफेर या फिर पुरस्कार के बाद संशोधन को रोकने के लिए बनाए गए हैं. यह नियम साफ तौर पर कहते हैं कि पुरस्कार देने वाली संस्था के फैसले के खिलाफ कोई भी अपील नहीं की जा सकती. इतना ही नहीं बल्कि एक बार पुरस्कार घोषित होने के बाद यह हमेशा के लिए मान्य रहता है.
ये भी पढ़ें: क्या आम आदमी भी लड़ सकता है BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव, जानें कौन-कौन सी शर्तें करनी होती हैं पूरी?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL




























