यूपी का नया टूरिज्म हब: ब्रज तीर्थ से विकास को मिली नई रफ्तार, आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने ब्रज क्षेत्र को न केवल एक तीर्थस्थल के रूप में, बल्कि एक विश्व स्तरीय 'आध्यात्मिक पर्यटन स्थल' के रूप में विकसित करने का बीड़ा उठाया है. जानिए क्या बदलाव किए गए हैं?

Spiritual Tourism Destination in UP: भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र में उत्तर प्रदेश का विशेष स्थान है और इसमें 'ब्रज भूमि' (मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव) का महत्व अद्वितीय है. भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली होने के कारण यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं. पिछले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश सरकार ने ब्रज क्षेत्र को न केवल एक तीर्थस्थल के रूप में, बल्कि एक विश्व स्तरीय 'आध्यात्मिक पर्यटन स्थल' के रूप में विकसित करने का बीड़ा उठाया है. सरकार के प्रयासों से अब ब्रज की संकरी गलियों में विकास की नई रोशनी दिखाई देने लगी है.
ब्रज तीर्थ विकास परिषद: बदलाव की आधारशिला
ब्रज क्षेत्र के नियोजित विकास के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2017 में 'उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद' (UPBTVP) का गठन किया गया था. यह कदम ब्रज के विकास में गेम-चेंजर साबित हुआ है. परिषद का मुख्य उद्देश्य मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, गोकुल, नंदगांव और बलदेव जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का संरक्षण करते हुए वहां आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है. सरकार का विजन स्पष्ट है, ब्रज की पौराणिकता बची रहे, लेकिन सुविधाएं आधुनिक हों.
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर
पहले ब्रज यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को संकरी सड़कों और जाम की समस्या से जूझना पड़ता था. सरकार ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया है. मथुरा-वृंदावन में सड़कों का चौड़ीकरण और नए बाईपास का निर्माण तेजी से किया गया है.
सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक 'बांके बिहारी कॉरिडोर' की योजना है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर प्रस्तावित इस कॉरिडोर का उद्देश्य बांके बिहारी मंदिर में भीड़ प्रबंधन को सुगम बनाना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन अनुभव प्रदान करना है. इसके अलावा, बरसाना में बना रोप-वे द्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरा है, जिससे राधारानी मंदिर तक पहुंचना बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए आसान हो गया है. जल्द ही गोवर्धन और अन्य प्रमुख स्थलों पर भी रोप-वे की सुविधा विस्तार लेने वाली है.
84 कोस परिक्रमा और कुंडों का जीर्णोद्धार
ब्रज की '84 कोस परिक्रमा' का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है. सरकार ने इस पूरे परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाकर इसके विकास कार्य को तेज कर दिया है. मार्ग में पड़ने वाले विश्राम स्थलों (पड़ावों) को विकसित किया जा रहा है, ताकि परिक्रमा करने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं को पेयजल, छाया और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें.
इसके साथ ही, ब्रज के प्राचीन कुंडों (सरोवर) का जीर्णोद्धार भी सरकार की प्राथमिकता सूची में है. कई ऐतिहासिक कुंड, जो देखरेख के अभाव में सूख रहे थे या गंदगी से भरे थे, उन्हें अब स्वच्छ और सुंदर बनाया जा रहा है. वहां लाइटिंग और साउंड शो की व्यवस्था की जा रही है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं.
सांस्कृतिक आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ब्रज के त्योहारों को भव्यता प्रदान की है. बरसाना की लठमार होली हो या वृंदावन का रंगोत्सव, सरकार ने इनकी ब्रांडिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की है. 'रंगोत्सव' जैसे आयोजनों ने विदेशी पर्यटकों को बड़ी संख्या में आकर्षित किया है. इसके अलावा, जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे मथुरा को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और सुरक्षा व सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं.
सुरक्षा और स्वच्छता: एक नई पहल
आध्यात्मिक पर्यटन में सुरक्षा एक बड़ा पहलू है. यूपी सरकार ने मथुरा-वृंदावन को 'सेफ सिटी' प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम से लैस किया है. प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे और पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं. साथ ही, स्वच्छता अभियानों के तहत मंदिरों के आसपास के क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त और साफ रखने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू किया गया है ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके.
भविष्य की राह
उत्तर प्रदेश सरकार के ये प्रयास न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी संजीवनी का काम कर रहे हैं. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से होटल व्यवसाय, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा मिल रहा है.
ब्रज भूमि आज बदलाव के दौर से गुजर रही है. सरकार की विकास नीतियां और बुनियादी ढांचे में सुधार ने इसे एक ऐसे गंतव्य में बदल दिया है जहाँ कोई भी व्यक्ति शांति, आध्यात्मिकता और संस्कृति का अनुभव सहजता से कर सकता है. आने वाले समय में, ब्रज भूमि वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और ज्यादा मजबूती से उभरेगी.
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Source: IOCL























