चारधाम यात्रा के लिए धामी सरकार ने 12 भाषाओं में SOP जारी, 104 हेल्पलाइन नंबर पर मिलेगी चिकित्सीय मदद
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि चारधाम यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं. उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए SOP को 12 भाषाओं में जारी किया गया

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है. तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इस SOP को 12 भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, उड़िया, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बांग्ला और मणिपुरी) में जारी किया है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु आसानी से इसे समझ सकें और पालन कर सकें.
इस SOP के तहत स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति में यात्री 104 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर तत्काल चिकित्सीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे. यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट, स्क्रीनिंग प्वाइंट, हेल्थ एटीएम और टेलीमेडिसिन सेवाओं की व्यवस्था की गई है.
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि चारधाम यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं. उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए SOP को 12 भाषाओं में जारी किया गया है, ताकि हर क्षेत्र के लोग इसे समझ सकें. उन्होंने बताया कि सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि यात्रा से पहले तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच, सतर्कता और चिकित्सकीय तैयारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए
सरकार द्वारा जारी SOP में तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं. इसमें शामिल प्रमुख सलाहें हैं:
यात्रा से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराएं: हृदय, फेफड़े या अन्य पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोग डॉक्टर से परामर्श लेकर ही यात्रा करें.
पैदल चलने का अभ्यास करें: यात्रा शुरू करने से कम से कम दो महीने पहले से पैदल चलने, प्राणायाम और हल्के व्यायाम का अभ्यास करें.
जरूरी दवाइयां साथ रखें: हृदय रोग, मधुमेह, अस्थमा या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित यात्री अपनी नियमित दवाइयां और डॉक्टर का नंबर साथ रखें.
भरपूर पानी पिएं: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और संतुलित आहार लें. हल्के गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें.
गर्म कपड़े और सुरक्षा उपकरण साथ रखें: यात्रा के दौरान हल्के गर्म कपड़े, दस्ताने, टोपी, रेनकोट और छाता साथ रखें.
विश्राम करें: केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा के दौरान हर एक से दो घंटे में 10 मिनट का विश्राम करें, ताकि शरीर को पर्याप्त आराम मिल सके.
चारधाम यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है. सरकार ने यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलिंडर, जीवनरक्षक दवाइयों और एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था की है.
28 तरह की स्वास्थ्य जांच: यात्रा मार्ग पर स्थित स्क्रीनिंग प्वाइंट पर यात्रियों के ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल सहित 28 स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाएगी.
हेल्थ एटीएम: यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट के अलावा गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे. यहां यात्रियों का ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल, शरीर का तापमान, वजन और लंबाई मापी जाएगी.
टेलीमेडिसिन सेवा: यात्रियों को 24 घंटे टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा मिलेगी.
उत्तराखंड सरकार ने अन्य राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से आग्रह किया है कि वे अपने राज्यों से चिकित्सा विशेषज्ञों को चारधाम यात्रा मार्ग पर सेवा देने के लिए प्रेरित करें.
विशेषज्ञों का योगदान: राज्य सरकार ने सभी राज्यों से हृदय रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ, सर्जन और अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों को कम से कम 15 दिनों के लिए यात्रा मार्ग पर स्थित चिकित्सालयों में योगदान देने का अनुरोध किया है.
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है.
10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट: इस मार्ग पर 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित किए गए हैं.
फ्री हेल्थ स्क्रीनिंग: गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और नारायणकोटी में लगाए गए हेल्थ एटीएम में यात्रियों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाएगी.
आपातकालीन सहायता: आपात स्थिति में यात्रियों को निकटतम मेडिकल सेंटर या राहत प्वाइंट पर तुरंत चिकित्सा सहायता मिलेगी.
धामी सरकार ने चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारी की है.
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पुलिस और स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती: यात्रा मार्ग पर पुलिस बल, स्वास्थ्य मित्र और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ को तैनात किया जाएगा.
आपातकालीन सेवाएं: स्क्रीनिंग प्वाइंट, हेलीपैड और मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी.
राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए "क्या करें, क्या न करें" की सूची भी जारी की है:
क्या करें
यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीएं और ऊंचाई पर पहुंचने से पहले धीरे-धीरे चलें.
लगातार मॉनिटरिंग के लिए अपने स्वास्थ्य मानकों की जांच कराते रहें.
किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत 104 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें.
क्या न करें:
खाली पेट यात्रा न करें.
अत्यधिक थकावट होने पर यात्रा जारी न रखें.
स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत चिकित्सा सहायता लें.
धामी सरकार ने इस बार चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. SOP को 12 भाषाओं में जारी कर हर यात्री तक इसकी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया गया है. यात्रा मार्ग पर हेल्थ एटीएम, टेलीमेडिसिन सेवा, मेडिकल रिलीफ प्वाइंट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. यात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने, जरूरी दवाइयां रखने और पर्याप्त विश्राम करने की सलाह दी गई है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद रहे.
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Source: IOCL





















