एक्सप्लोरर

धामी मंत्रिमंडल का विस्तार: दो साल की अटकलों पर लगा विराम, पांच नए चेहरों के साथ 2027 की तैयारी शुरू

हरिद्वार से मदन कौशिक, देहरादून की राजपुर रोड से खजान दास, रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी, भीमताल से राम सिंह कैड़ा और रुड़की से प्रदीप बत्रा ने मंत्री पद की शपथ ली 

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • राज्यपाल ने पांच नए विधायकों को दिलाई कैबिनेट मंत्री पद की शपथ.
  • मुख्यमंत्री धामी का मंत्रिमंडल अब 12 मंत्रियों के साथ हुआ पूरा.
  • पांचों नए मंत्रियों ने क्षेत्रीय, जातिगत समीकरण साधने का किया प्रयास.
  • 2027 चुनाव की तैयारी में मंत्रिमंडल विस्तार को अहम कदम माना जा रहा.

उत्तराखंड में राजनीतिक गलियारों में पिछले दो साल से जो चर्चा चल रही थी, वह आखिरकार शुक्रवार की सुबह लोक भवन में हकीकत में बदल गई. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने पांच विधायकों को कैबिनेट मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मंत्रिमंडल अब पूरा हो गया है और मंत्रियों की संख्या 12 पहुंच गई है.

हरिद्वार से मदन कौशिक, देहरादून की राजपुर रोड से खजान दास, रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी, भीमताल से राम सिंह कैड़ा और रुड़की से प्रदीप बत्रा ने मंत्री पद की शपथ ली 

जब 2022 मे भाजपा ने राज्य मे अपनी सरकार बनाई तब मंत्रिमंडल में तीन पद पहले से रिक्त चल रहे थे. फिर अप्रैल 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन से चौथी सीट खाली हो गई. और 2025 में विवादित बयान देने पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल को इस्तीफा देना पड़ा, जिससे पांचवां पद भी रिक्त हो गया. लगभग दो साल तक आधा-अधूरा मंत्रिमंडल लेकर चलती रही धामी सरकार अब पूरी टीम के साथ मैदान में है.

पांचों नए मंत्रियों का राजनैतिक परिचय

मदन कौशिक - हरिद्वार का वो चेहरा जो चुनाव दर चुनाव अजेय रहा

मदन कौशिक 2002 से लगातार हरिद्वार सीट से विधायक हैं. राज्य बनने के बाद से अब तक वे पांच बार इस सीट से जीत चुके हैं, जो खुद में एक रिकॉर्ड है. वर्ष 2000 में भाजपा जिला महामंत्री और जिला अध्यक्ष रहे मदन कौशिक ने 2002 में पहली बार विधायक का चुनाव जीता. 2007 से 2012 तक वे प्रदेश सरकार में मंत्री रहे. त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार में वे शहरी विकास मंत्री और सरकार के प्रवक्ता भी रहे. मार्च 2021 में पार्टी ने उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया. हरिद्वार जैसी मैदानी सीट पर उनकी जड़ें बेहद गहरी हैं और मैदानी क्षेत्र में पार्टी का आधार मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है. अब मंत्री बनने के साथ ही उनका इंतजार भी खत्म हुआ, क्योंकि 2022 में धामी कैबिनेट बनने के समय से ही उनका नाम हर बार चर्चा में बना रहता था.

खजान दास - आरक्षित सीट से भाजपा का भरोसेमंद चेहरा

देहरादून की राजपुर रोड विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है और यह राजधानी का पॉश इलाका भी है. खजान दास 2017 में इस सीट से बीजेपी के टिकट पर पहली दफे विधानसभा के लिए चुने गए. 2022 में खजान दास ने 11,163 वोटों के बड़े अंतर से कांग्रेस के राज कुमार को हराकर दोबारा जीत दर्ज की. राजधानी देहरादून की इस संवेदनशील आरक्षित सीट पर उनकी लगातार दो जीतें उनकी जमीनी पकड़ को साबित करती हैं. उनका मंत्री बनना भाजपा की दलित वर्ग को साथ लेकर चलने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है.

भरत चौधरी - 1988 से राजनीति, रुद्रप्रयाग में दो बार का भरोसा

रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने की बात करें तो 1988 में उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत ग्राम प्रधान से की थी. जिसके बाद उन्हें दो बार रुद्रप्रयाग विधानसभा का नेतृत्व करने का सौभाग्य मिला है. पंचायत स्तर से अपनी यात्रा शुरू करने वाले भरत चौधरी उत्तराखंड के उन नेताओं में हैं जो जमीन से उठकर ऊपर आए हैं. पहाड़ी क्षेत्र के जानकार, गांव-गांव तक पहुंच रखने वाले चौधरी को अब जो जिम्मेदारी मिली है, उसमें केदारनाथ क्षेत्र के विकास को गति देने की उम्मीदें जुड़ी हैं.

राम सिंह कैड़ा - कुमाऊं में भाजपा की पहचान

भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा नैनीताल जिले की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं. विधायक राम सिंह कैड़ा ने विधानसभा में भीमताल क्षेत्र से आदमखोर वन्य जीवों के हमले से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. उन्होंने भीमताल विधानसभा क्षेत्र की लंबित मोटर मार्गों के निर्माण, डामरीकरण और मंदिरों व झीलों के सौंदर्यीकरण की भी मांग की. कुमाऊं मंडल से आने वाले कैड़ा का मंत्री बनना उस क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देता है जहां भाजपा 2027 में मजबूत वापसी के लिए जोर लगाना चाहती है.

प्रदीप बत्रा - रुड़की के कारोबारी पृष्ठभूमि वाले नेता

रुड़की से भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा परास्नातक हैं और उनकी पृष्ठभूमि व्यवसाय से जुड़ी है. हरिद्वार जिले की रुड़की सीट उद्योग और शिक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, जहां आईआईटी रुड़की और तमाम उद्योग इकाइयां हैं. 2017 और 2022 दोनों बार यहां से जीतने वाले बत्रा को अब मंत्री पद देकर धामी सरकार ने मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा के रूप में.  हरिद्वार जिले को एक साथ दो प्रतिनिधित्व दिए हैं 

2027 चुनाव के लिहाज से इस विस्तार के मायने

यह मंत्रिमंडल विस्तार महज एक प्रशासनिक कदम नहीं है. इसे उत्तराखंड की राजनीतिक जमीन पर धामी सरकार की अगली पारी की तैयारी के तौर पर देखा जाना चाहिए. सबसे पहले बात क्षेत्रीय संतुलन की. पांच नए मंत्रियों में मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा हरिद्वार जिले से हैं जो मैदानी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. राम सिंह कैड़ा कुमाऊं से हैं, भरत चौधरी गढ़वाल के पहाड़ी जिले रुद्रप्रयाग से, और खजान दास राजधानी देहरादून से. यानी गढ़वाल-कुमाऊं और मैदानी-पहाड़ी सभी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश साफ नजर आती है.

दूसरी बात जाति और सामाजिक समीकरणों की. खजान दास का दलित वर्ग से होना, मदन कौशिक का हरिद्वार के मैदानी हिंदू मतदाताओं में प्रभाव, भरत चौधरी का पहाड़ी ग्रामीण आधार - ये सब मिलाकर एक ऐसा समीकरण बनाते हैं जो 2027 के चुनावी गणित में काम आ सकता है.

तीसरी और सबसे अहम बात - असंतोष का प्रबंधन. जब भी मंत्रिमंडल में लंबे समय तक रिक्तियां रहती हैं, तो पार्टी के भीतर निष्ठावान विधायकों में बेचैनी स्वाभाविक है. ये पांचों विधायक अपने-अपने क्षेत्र में पार्टी के लिए मेहनत कर रहे थे और मंत्री पद का इंतजार कर रहे थे. यह इंतजार खत्म होने से पार्टी की आंतरिक एकता मजबूत होगी और ये नेता अपने-अपने क्षेत्र में अगले चुनाव के लिए और ऊर्जा के साथ काम कर सकेंगे.

हालांकि यह भी ध्यान रखना होगा कि अब सरकार के पास 2027 के चुनाव से पहले महज लगभग डेढ़ साल का समय है. नए मंत्रियों को अपने विभाग संभालने, विकास कार्यों की जमीन तैयार करने और अपनी पहचान बनाने का वक्त बेहद सीमित है. ऐसे में काम की रफ्तार ही तय करेगी कि यह विस्तार भाजपा के लिए 2027 में वरदान साबित होता है या फिर महज एक औपचारिकता बनकर रह जाता है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

UP News: यूपी को 60 हजार करोड़ की सड़क सौगात, हर जिला 4-लेन से जुड़ेगा, एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
UP को 60 हजार करोड़ की सड़क सौगात, हर जिला 4-लेन से जुड़ेगा, एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
वाराणसी: आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर हड़पी करोड़ों की जमीन! BJP नेता समेत 10 आरोपियों पर केस दर्ज
वाराणसी: आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर हड़पी करोड़ों की जमीन! BJP नेता समेत 10 आरोपियों पर केस दर्ज
'अमरनाथ में पिघले, यहां प्रकट हुए', फ्रिज में बनी शिवलिंग जैसी आकृति, पूजा-पाठ शुरू
'अमरनाथ में पिघले, यहां प्रकट हुए', फ्रिज में बनी शिवलिंग जैसी आकृति, पूजा-पाठ शुरू
योगी राज में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन, अब सिर्फ इतने मिनट में पूरी होगी दूरी
योगी राज में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन, अब सिर्फ इतने मिनट में पूरी होगी दूरी

वीडियोज

Evil Dead Burn देखने से पहले 100 बार सोचिए!
Tata Sierra EV Pros and Cons plus which battery pack to buy? #tata #tatasierraev #autolive
E20 Petrol का Confusion! क्यों बढ़ गई Premium Petrol की Demand? #e20petrol #autolive
Gold Price Crash: सोने-चांदी के दामों में भयंकर गिरावट! खरीदने का सबसे सही मौका? ABPLIVE
Bollywood News: आकांक्षा रंजन और शरण शर्मा के ग्रैंड वेडिंग रिसेप्शन में सितारों का जमावड़ा, ग्लैमर ने लूटी महफिल (13.07.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सुप्रीम कोर्ट में CJI के सामने महिला ने उतारा मंगलसूत्र, गिड़गिड़ाते हुए कहा- माईलॉड! हमारा पूरा परिवार...
CJI के सामने महिला ने उतारा मंगलसूत्र, गिड़गिड़ाते हुए कहा- माईलॉड! हमारा पूरा परिवार...
सपा का दावा- निशिकांत दुबे ने मांगी माफी, BJP सांसद बोले, 'मैंने अखिलेश यादव जी से...'
सपा का दावा- निशिकांत दुबे ने मांगी माफी, BJP सांसद बोले, 'मैंने अखिलेश यादव जी से...'
वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पर लगे चीटिंग के आरोप, साथी खिलाड़ी से अफेयर; क्रिकेट जगत में मची खलबली
वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पर लगे चीटिंग के आरोप, साथी खिलाड़ी से अफेयर
Monday BO Collection Updates: 'धमाल 4' ने मंडे को भी सबको चटाई धूल, 'लेनिन' का जलवा बरकरार, जानें कलेक्शन
बॉक्स ऑफिस: 'धमाल 4' ने मंडे को भी सबको चटाई धूल, 'लेनिन' का जलवा बरकरार, जानें कलेक्शन
शेख हमद बिन ने कैसे खड़ी की कतर की अर्थव्यवस्था? इन वजह से टॉप इकोनॉमी में शुमार हुआ उनका देश
शेख हमद बिन ने कैसे खड़ी की कतर की अर्थव्यवस्था? इन वजह से टॉप इकोनॉमी में शुमार हुआ उनका देश
1200 से ज्यादा सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका, ITI से लेकर इंजीनियरिंग और CA तक कर सकते हैं आवेदन
1200 से ज्यादा सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका, ITI से लेकर इंजीनियरिंग और CA तक कर सकते हैं आवेदन
Video: प्रेग्नेंट बेटी को सरप्राइज देने बेंगलुरु से कनाडा पहुंच गए मां बाप, सरप्राइज देख भावुक हुआ इंटरनेट
प्रेग्नेंट बेटी को सरप्राइज देने बेंगलुरु से कनाडा पहुंच गए मां बाप, सरप्राइज देख भावुक हुआ इंटरनेट
Pregnancy in Monsoon: मानसून में कैसे रखें गर्भ में पल रहे बच्चे का ख्याल, Mother to be के लिए बड़े काम की है खबर
मानसून में कैसे रखें गर्भ में पल रहे बच्चे का ख्याल, Mother to be के लिए बड़े काम की है खबर
Embed widget