देहरादून बना महिलाओं के लिए असुरक्षित शहर, NARI 2025 रिपोर्ट में खुलासा
Dehradun News: NARI 2025 के सर्वे में देश के 31 शहरों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें देहरादून सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल हो गया. नागालैंड की राजधानी कोहिमा 82.9% स्कोर के साथ सबसे सुरक्षित शहर बना.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को शिक्षा नगरी के रूप में जाना जाता है, लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की हालिया ‘नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स (NARI) 2025’ रिपोर्ट ने इसे महिलाओं के लिए असुरक्षित शहरों की सूची में ला खड़ा किया है. रिपोर्ट में देहरादून का स्कोर 60.6% रहा, जो राष्ट्रीय औसत 64.6% से कम है.
इस खुलासे के बाद विपक्ष ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा, जबकि एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने दावों का खंडन करते हुए पुलिस की संवेदनशीलता और कार्रवाई का हवाला दिया.
NARI 2025 रिपोर्ट का खुलासा
NARI 2025 के सर्वे में देश के 31 शहरों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें देहरादून सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल हो गया. नागालैंड की राजधानी कोहिमा 82.9% स्कोर के साथ सबसे सुरक्षित शहर बना, जबकि शिमला 11वें स्थान पर रहा. देहरादून में केवल 50% महिलाओं ने शहर को सुरक्षित या बहुत सुरक्षित माना, 41% ने कोई राय नहीं दी, और 10% ने खुद को असुरक्षित बताया. दिन में 70% महिलाओं ने सुरक्षा का एहसास किया, जो रात में घटकर 44% रह गया, और सिर्फ 14% ने रात में सुरक्षित महसूस किया.
महिलाओं की असुरक्षा के कारण
रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून में छेड़छाड़ की घटनाओं में गाली-गलौज सबसे आम है, इसके बाद मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के मामले हैं. पब्लिक ट्रांसपोर्ट सबसे असुरक्षित जगह साबित हुआ, जहां 50% महिलाओं ने छेड़छाड़ का अनुभव साझा किया. कार्यस्थल और आसपड़ोस भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. सिर्फ 24% महिलाओं को सुरक्षा ढांचे पर भरोसा है, जबकि 59% ने पुलिस और प्रशासन पर विश्वास जताया. हालांकि, 40% महिलाओं ने छेड़छाड़ की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की, 26% ने पुलिस को शिकायत की, और 19% ने दूसरों से मदद मांगी.
सुरक्षा के लिए सुझाव
महिलाओं ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए 45% ने पुलिस मौजूदगी, 39% ने बेहतर ढांचे (स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी), और 21% ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की मांग की. 26% ने शहर के लोगों के रवैये को असुरक्षा का कारण बताया, 18% ने अपराध दर, और 11% ने सुनसान इलाकों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि 54% ने स्थानीय लोगों पर भरोसा जताया.
विपक्ष का बीजेपी पर हमला
रिपोर्ट जारी होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा. कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दशमी ने कहा कि यह रिपोर्ट बीजेपी के महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलती है. सरकार के पास कोई ठोस रणनीति नहीं है, जिसके कारण महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं. सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट बढ़ाने, पुलिस सुरक्षा मजबूत करने, और निर्भया जैसी योजना के तहत टास्क फोर्स बनाने की जरूरत है. उन्होंने इसे सरकार के लिए ‘सच का आईना’ करार दिया.
एसएसपी का जवाब
हालांकि, एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने रिपोर्ट के दावों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि हमारा शिकायत रिस्पॉन्स टाइम 13 मिनट 40 सेकंड है, जो रिकॉर्ड है. जिले में चेन स्नेचिंग या छेड़छाड़ का कोई मामला नहीं है. महिला अपराधियों के खिलाफ सबसे अधिक कार्रवाई हुई. मैनपावर की कमी है, लेकिन पिंक बूथ, महिला पुलिस तैनाती, और सीसीटीवी लगाने का काम चल रहा है. अधिकांश मामले आपसी विवाद के हैं, और महिला अपराधों में कमी आई है.
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Source: IOCL





















