Dehradun News: देहरादून में NEET छात्रा की मौत पर सियासत, राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
Dehradun Student Death: चंद्रमणि कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक 23 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. वहीं, इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है.

देहरादून के चंद्रमणि कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक 23 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है. मृतका रिया कुमारी कारगिल युद्ध के दिग्गज सैनिक राजेश मल्ल थापा की बेटी थीं और लंबे समय से NEET की तैयारी कर रही थीं. घटना के तार जैसे ही NEET पेपर लीक विवाद से जुड़े, कांग्रेस पार्टी के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर ले लिया.
पुलिस के मुताबिक, रिया पढ़ाई को लेकर इतनी गंभीर थी कि देर रात तक जागकर पढ़ती और सुबह देर से उठती थी. मंगलवार को भी यही हुआ सुबह करीब साढ़े दस बजे जब मां नाश्ते के लिए बुलाने पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा भीतर से बंद मिला. पिता के दरवाजा खोलने पर उन्हें बेटी के निष्प्राण शरीर का सामना करना पड़ा. कोतवाली पटेल नगर की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटनास्थल से एक नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है.
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परिवार के किसी सदस्यों को नहीं ठहराया जिम्मेदार
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि, रिया ने इसमें अपने इस कदम के लिए परिवार के किसी सदस्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि खुद को ही दोषी मानते हुए माफी मांगी और अपने परिवार के प्रति प्रेम जताया. पुलिस फिलहाल नोट की हस्तलिपि की पुष्टि करा रही है और सभी एंगल से जांच जारी है.
पढ़ने में बेहद होनहार थी रिया
परिजनों के अनुसार, रिया बचपन से ही पढ़ाई में आगे रहती थी. क्लेमनटाउन स्थित राजा राम मोहन राय एकेडमी से उन्होंने 12वीं में 96.7 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और साथ ही बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थीं. गोरखाली सुधार सभा जैसी स्थानीय संस्था भी उन्हें सम्मानित कर चुकी थी. 12वीं के बाद उन्होंने NEET की राह पकड़ी, पर पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली.
NEET परीक्षा रद्द होने से परेशान थी छात्रा
पूर्व पार्षद हरि प्रसाद भट्ट बताते हैं कि इस बार 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा देने के बाद रिया का आत्मविश्वास काफी ऊंचा था और परिवार को भी उम्मीद थी कि इस बार चयन हो जाएगा. मगर पेपर रद्द होने और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा ने हालात बदल दिए. उनके मुताबिक इसके बाद से रिया मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं.
क्षेत्र पंचायत सदस्य एडवोकेट हरेंद्र सिंह गोसाईं भी उन्हें एक गंभीर और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्रा बताते हैं. हालांकि पुलिस ने अभी इस मौत को सीधे NEET परीक्षा या उसके पुनः-आयोजन से नहीं जोड़ा है. सीओ कंडारी का कहना है कि अब तक की जांच में ऐसा कोई पुष्ट तथ्य सामने नहीं आया जिससे किसी खास परीक्षा को वजह माना जा सके; पंचनामे और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जांच अब भी जारी है.
छात्रा की मौत पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
उधर, कांग्रेस ने इसे NEET पेपर लीक विवाद से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को घेरना शुरू कर दिया. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रिया और राजस्थान के सीकर के युवक उमेश जैसे छात्र एक ऐसी व्यवस्था के शिकार बने हैं, जो टूटी और भ्रष्ट हो चुकी है.
उन्होंने बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और परीक्षा प्रक्रिया में कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से हो रहे इस खिलवाड़ की जिम्मेदारी सरकार की है. पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी इस घटना का जिक्र करते हुए दावा किया गया कि री-NEET को लेकर बना मानसिक दबाव इसकी एक वजह हो सकता है.
रिया के पिता गोरखा राइफल्स में रह चुके हैं हवलदार
आपको बता दें कि रिया के पिता राजेश मल्ल थापा सेना की 4/3 गोरखा राइफल्स में हवलदार रह चुके हैं. 1999 के कारगिल युद्ध के दौर में उनकी बटालियन अल्मोड़ा से लेह और फिर कारगिल मोर्चे तक पहुंची थी. लंबी सेवा के बाद वह 2012 में सेना से रिटायर हुए थे. बेटी की यह मौत परिवार और स्थानीय समुदाय दोनों के लिए गहरा सदमा बनकर आई है.
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