गोरखपुर में दौड़ रही विकास की लहर; फोरलेन सड़कों, फ्लाईओवररेल ओवरब्रिज की श्रृंखला बनकर तैयार
GorakhPur News: योगी सरकार ने गोरखपुर वासियों को दी बड़ी सौगात. सीएम योगी के नेतृत्व में बेहतर हुई सड़क कनेक्टिविटी. बदहाल सड़कों वाले जिले में योगी सरकार ने सुगम किया आवागमन.

कभी जिस गोरखपुर जनपद की पहचान टूटी व बदहाल सड़कों से थी, अब वह फोरलेन सड़कों, फ्लाईओवररेल ओवरब्रिज की विस्तृत श्रृंखला के लिए जाना जा रहा है. मजबूत रोड कनेक्टिविटी को ढांचागत विकास का पर्याय समझा जाता है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साढ़े नौ साल के कार्यकाल में गोरखपुर ने ढांचागत विकास के लिहाज से ऊंची उड़ान भरी है.
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का नया मॉडल बना गोरखपुर
दरअसल गोरखपुर ने बदहाली से बुलंदियों तक की यात्रा करते हुए, सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का नया मॉडल बन चुका है. बीते साढ़े नौ वर्षों के दौरान जिले में कनेक्टिविटी का ऐसा व्यापक नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसने न केवल आम जनजीवन को सुगम बनाया है, बल्कि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा दी है.
सभी जानते हैं कि वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर में कनेक्टिविटी की स्थिति काफी चिंताजनक थी. बदहाल और संकरी सड़कों के कारण न केवल स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, बल्कि उद्योग और व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित थे. मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ ने बुनियादी ढांचे के पुनरुद्धार को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखा.
गोरखपुर शहर की सीमा में प्रवेश करने वाले सभी बाहरी मार्गों के साथसाथ शहर के प्रमुख आंतरिक मार्गों को फोरलेन में बदला गया है. ट्रैफिक जाम को खत्म करने और यातायात को निर्बाध बनाने के लिए फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की गई है.
अंतर्जनपदीय और अंतर्राज्यीय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र
गोरखपुर आज केवल अपने ज़िले तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतर्जनपदीय और अंतर्राज्यीय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बन चुका है. वर्तमान में गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, बिहार, नेपाल, देवरिया, कुशीनगर तक जाने के लिए फोरलेन की कनेक्टिविटी है. इससे आवासीय आवश्यकताओं की मांग में बढ़ोतरी होने के साथ औद्योगिक निवेश की बयार लगातार बह रही है.
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल कहते हैं कि ढांचागत विकास केवल सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं रहता बल्कि यह किसी भी क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास की नींव होता है. सुगम कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की लागत में कमी के कारण निवेशकों का गोरखपुर के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ा है.
औद्योगिक क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना हो रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. बेहतर रोड नेटवर्क और कनेक्टिविटी के कारण बाहरी क्षेत्रों के लोग भी गोरखपुर की ओर आकर्षित हो रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप शहर में कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज की मांग में भारी वृद्धि हुई है.
सड़क कनेक्टिविटी की कुछ प्रमुख परियोजनाएं हुई पूरी
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, लंबाई 91 किमी, लागत 7283 करोड़ रुपये.
भटहटबांसस्थान मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लंबाई 11.6 किमी, लागत 689.35 करोड़ रुपये.
कालेसर से जंगल कौड़िया तक 17.66 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण, लागत 866 करोड़ रुपये.
मोहद्दीपुर जंगल कौड़िया मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण लागत 323 करोड़ रुपये.
टीपीनगर से पैडलेगंज मार्ग पर 2.6 किमी लंबाई में सिक्सलेन फ्लाईओवर, लागत 429.49 करोड़ रुपये.
पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक होते हुए बेतियाहाता चौराहे तक फोरलन सड़क, लागत 277.78 करोड़ रुपये.
रामगढ़ताल नौकायन से देवरिया बाईपास तक फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लागत 67.35 करोड़.
धर्मशाला से गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर नया गोरखनाथ ओवरब्रिज (लागत 137.83 करोड़ रुपये)
बरगदवानकहा रेल ओवरब्रिज, लागत 152.19 करोड़ रुपये.
खजांची चौराहा फ्लाईओवर, लागत 96.50 करोड़ रुपये.
बालापार टिकरिया मार्ग स्थित रेल समपार पर ओवरब्रिज, लागत 84.87 करोड़ रुपये.
गोरखपुर में ढांचागत विकास की जारी प्रमुख परियोजनाएं
जंगल कौड़ियासोनौली फोरलेन मार्ग, लागत 2555.50 करोड़ रुपये.
गोरखपुर उत्तरपूर्व फोरलेन बाईपास/रिंग रोड, लागत 1973.97 करोड़ रुपये.
नौसढ़ से पैडलेगंज सिक्सलेन मार्ग, लागत 297.29 करोड़ रुपये.
देवरिया बाईपास का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लागत 399.24 करोड़ रुपये.
जिला जेल बाईपास मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, लागत 369.04 करोड़ रुपये.
पिपराइचगोरखपुर मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण, लागत 942.44 करोड़ रुपये.
चारफाटकअसुरन मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण, लागत 278.89 करोड़ रुपये.
बालापारटिकरियागांगी बाजार मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण, लागत 838.05 करोड़ रुपये.
एचएन सिंह चौराहे से हड़हवा फाटक होते हुए गोरखनाथ मंदिर मार्ग तक टूलेन/फोरलेन, लागत 245.44 करोड़ रुपये.
हड़हवा फाटक समपार संख्या 2 स्पेशल पर फोरलेन फ्लाईओवर, लागत 201.24 करोड़ रुपये.
लखनऊगोरखपुर मार्ग पर अतिरिक्त दो लेन (अप स्ट्रीम) का राप्ती नदी पर पुल, लागत 104 करोड़ रुपये.
लखनऊगोरखपुर मार्ग अतिरिक्त दो लेन (डाउन स्ट्रीम) का राप्ती नदी पर पुल, लागत 118 करोड़ रुपये.
चौरीचौराभोपा बाजार में समपार संख्या 147बी पर रेल ओवरब्रिज, लागत 59.44 करोड़ रुपये.
राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए जंगल कौड़िया कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क, लागत 195.21 करोड़ रुपये.
डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल के पास तक फोरलेन सड़क, लागत 379.54 करोड़ रुपये.
झुंगिया चुंगी से फर्टिलाइजर गेट तक फोरलेन सड़क, लागत 140.37 करोड़ रुपये.
स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहा से फर्टिलाइजर मार्ग तक फोरलेन सड़क, लागत 115.59 करोड़ रुपये.
पादरी बाजार में फ्लाईओवर, लागत 98.34 करोड़ रुपये.
विरासत गलियारा का निर्माण, लागत 555.56 करोड़ रुपये.
अखिलेश यादव का दावा- धर्मेंद्र प्रधान के पास कोई छुपा राज तो नहीं जिसकी वजह से हटाया नहीं जा रहा























