'यूपी के एक नेता ने कहा था नकल करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार...', सीएम योगी ने साधा निशाना
CM Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज वाराणसी में शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने पुरानी सरकारों में शिक्षा की दुर्गति को लेकर निशाना साधा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है. इसके बाद कुछ भी होना असंभव है. वहीं उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी के एक नेता ने कहा था कि नकल करना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है.
सीएम योगी ने ये बात वाराणसी में आयोजित शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के दौरान कही. उन्होंने कहा कि शिक्षा हर नागरिक का दायित्व बनता है लेकिन, शिक्षक का दायित्व सबसे ज्यादा बनता है कि हम हर बच्चे को स्कूल लेकर जाएं. सुदृढ़ नींव पर ही सशक्त भवन खड़ा हो सकता है, इसका दायित्व आप पर है.
सीएम योगी ने शिक्षा पर दिया ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है और शिक्षा के बगैर कुछ भी हो पाना असंभव है. शिक्षा की उपेक्षा हुई तो आपने उत्तरप्रदेश को देखा होगा कि बीमारू राज्य हो गया. एक समय ऐसा भी आया जब यूपी की शिक्षा व्यवस्था को लोगों ने अपने निहित स्वार्थ के लिए पूरी तरह बर्बाद कर दिया था.
शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा विभाग का अभी एक एक एमओयू स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुआ है. जिसमें हर एक शिक्षक, शिक्षामित्र को भी सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिलेगी. स्थायी शिक्षकों और कार्मिकों को जिनका वेतन 10 हजार से अधिक है, 10 लाख का टर्म इंश्योरेंस मिलेगा. संविदा कर्मियों को, जिनका वेतन 10 हजार से अधिक है, उन्हें भी इंश्योरेंस कवर मिलेगा.
उन्होंने कहा कि हम आपसे गुरुदक्षिणा में बस यही मांगते हैं कि आप बच्चों पर ध्यान दें. विद्यालय का वातावरण साफ, स्वच्छ, सुंदर लगे. एक समय था, जब देश भर में यूपी के शिक्षक जाते थे. अरुणाचल में ज्यादातर शिक्षक यूपी से गए थे. एक समय ये भी आया जब अपने स्वार्थ के लिए शिक्षा को बर्बाद कर दिया.
पुरानी सरकारों पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश एक समय बीमारू राज्य हो गया था. आज से 8-9 साल पहले जब आप बाहर नौकरी के लिए जाते होंगे, तो आपको पहचान का संकट हो जाता होगा. शिक्षा का उन्नयन हुआ, यूपी अब दौड़ता हुआ नजर आ रहा है. स्कूलों में अब नकल मुक्त परीक्षा होती है. पहले तीन महीने तक माध्यमिक परीक्षा चलती थी. परीक्षा के लिए तीन महीने का मतलब क्या? अब 14 दिन में परीक्षा और 14 दिन में रिजल्ट, एक महीने के अंदर सब कुछ हो जाता है.
यूपी के एक नेता ने कहा था कि नकल करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है. अगर नकल करना जन्मसिद्ध अधिकार है, तो क्या कर सकते हैं? देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ का अधिकार किसी को नहीं हो सकता. आपके आदर्श आचार्य चाणक्य हो सकते हैं.
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