गोरखपुर में CM योगी का अलग अंदाज, पार्क में बच्चों से मिले, चॉकलेट पाकर बच्चे बोले 'थैंक्यू'
Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकॉप्टर दोपहर बाद जैसे ही सर्किट हाउस परिसर स्थित हेलिपैड पर उतरा तो उनकी नजर समीप के आंबेडकर पार्क गेट पर उन्हें देखने जुटे बच्चों पर पड़ गई.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर दौरे पर थे. यहां वे एकाएक बच्चों से मिलने उनके पास पहुंचे, जिससे बच्चों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. आंबेडकर पार्क में सैर सपाटे पर आए बच्चों की खुशी दोगुनी हो गयी जब देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री खुद उनसे मिलने पहुंच गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्नेहाशीष और चॉकलेट पाकर बच्चे बेहद प्रफुल्लित हुए और एकस्वर में बोल पड़े- थैंक्यू महाराज जी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकॉप्टर दोपहर बाद जैसे ही सर्किट हाउस परिसर स्थित हेलिपैड पर उतरा तो उनकी नजर समीप के आंबेडकर पार्क गेट पर उन्हें देखने जुटे बच्चों पर पड़ गई. जयकारा लगाते बच्चों को देखकर सीएम योगी मुस्कुराते हुए उनकी तरफ बढ़ चले. आंबेडकर पार्क गेट के पास जाकर उन्होंने गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों को खूब दुलारा. उनसे आत्मीयता से बात की और स्नेह, आशीर्वाद के साथ उन्हें चाकलेट भी दिया.
यहां बता दें कि बच्चों से सीएम योगी का विशेष स्नेह देखने को मिलता है. अक्सर उनके दौरों में यदि कोई बच्चा उन्हें नजर आता है तो उसे दुलारने के साथ चॉकलेट या गिफ्ट जरुर देते हैं. जनता दरबार में माता-पिता के साथ आने वाले सभी बच्चों को खुद आगे बढ़कर चॉकलेट बांटकर आशीर्वाद देते भी कई बार नजर आए. बच्चे भी उनसे मिलकर एकदम खुश हो जाते हैं.
रैन बसेरों का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर महानगर के ट्रांसपोर्ट नगर एवं धर्मशाला बाजार क्षेत्र में संचालित रैन बसेरों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को भोजन एवं कंबल वितरित किए. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतलहर से बचाव हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी जनपदों में रैन बसेरों एवं जरूरतमंदों हेतु कंबल वितरण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिए कहीं भी भीषण ठंड में कोई खुले में न सोये.
NCC ट्रेनिंग अकादमी का निरीक्षण किया
सीएम योगी ने गोरखपुर में निर्माणाधीन NCC ट्रेनिंग अकादमी का निरीक्षण किया तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने बिल्डिंग के साथ पूरे परिसर के मॉडल को भी समझा.
















