'बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के जान-माल...', पड़ोसी देश में हो रही हिंसा पर बोलीं मायावती
UP News: बसपा चीफ ने कहा पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों की दयनीय स्थिति को लेकर खासकर देश में लोगों की चिन्ताएं लगातार बनी रहती हैं और इस मामले में सरकार अपनी भूमिका भी निभाने का प्रयास करती रहती है.

बांग्लादेश इस समय राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है और कई शहरों में माहौल हिंसात्मक हो गया है. कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद काफी आक्रोश देखने को मिला है. अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"जैसा कि सर्वविदित है कि अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों के जान, माल व मजहब को जिस प्रकार से साम्प्रदायिक हिंसा का शिकार बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. उससे अपने देश में ही नहीं बल्कि अन्यत्र भी चिन्ता की लहर है तथा अभी हाल ही में वहां एक दलित युवक की जिस प्रकार से नृशंस हत्या की गयी है. उसको लेकर भारत भर में लोगों का सड़कों पर फूटा आक्रोश स्वाभाविक है, जिसका भारत सरकार को तुरन्त समुचित संज्ञान लेकर आगे हर स्तर पर कुछ और भी अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की देश को आशा है और यही समय की माँग भी लगती है."
पूर्व सीएम मायावती ने कहा-"वैसे तो अपने देश में भी खासकर दलितों व आदिवासियों आदि पर सदियों से होने वाली जातिवादी द्वेष, जुल्म-ज़्यादती, शोषण व तिरस्कार आदि रुका नहीं है बल्कि हर स्तर पर लगातार जारी है तथा उनकी सुरक्षा को लेकर बने कानूनों को एक प्रकार से निष्क्रिय ही बना दिया गया है. किन्तु पड़ोसी देश बांग्लादेश में इसी प्रकार की होने वाली जुल्म-ज्यादती कोई कम गंभीर बात नहीं है बल्कि यह अति-दुखद व चिन्ता की बात है."
बसपा चीफ ने कहा कि "पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों की दयनीय स्थिति को लेकर खासकर देश में लोगों की चिन्ताएं लगातार बनी रहती हैं और इस मामले में सरकार अपनी भूमिका भी निभाने का प्रयास करती रहती है. किन्तु हाल के दिनों में बांग्लादेश में जिस प्रकार से भारत व हिन्दू विरोधी घटनाएं घटित हो रही हैं उसको लेकर केन्द्र सरकार को लोगों की अपेक्षा के अनुसार और भी अधिक सक्रियता एवं प्रभावी कदम उठाने की जरूरत लग रही है जिसको लेकर जनता का समर्थन अवश्य ही सरकार के साथ होगा, सरकार उचित ध्यान दे."
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