संसद तक आज भी मार्च करेगी CJP ? अभिजीत दीपके ने किया बड़ा दावा, जानें क्या है प्लान
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बताया कि मंगलवार को दूसरे दिन भी संसद तक मार्च जारी रहेगा. CJP के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बताया कि मंगलवार (21 जुलाई 2026) को दूसरे दिन भी संसद तक मार्च जारी रहेगा. CJP के प्रदर्शनकारी देर रात जंतर-मंतर लौटे और उन्होंने एक टेंट और कामचलाऊ मंच बनाया. खबरों के मुताबिक सोमवार को दिल्ली पुलिस के जवानों ने उनका मंच हटा दिया था.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को भी संसद मार्च के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम फिर से मार्च करेंगे. हम इस विरोध स्थल को नहीं छोड़ रहे हैं. CJP के प्रदर्शनकारी 6 जून से जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. शिक्षाविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी वहां अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया.
CJP के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. अगले मार्च को लेकर अभी बैठक चल रही है. पार्टी जल्द ही आगे की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक बयान जारी करेगी. संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों लोगों ने संसद चलो मार्च में हिस्सा लिया.
जंतर-मंतर पर डटे लोग
संसद मार्च को लेकर मची अफरातफरी के बीच पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया. इस दौरान पत्थरबाजी भी देखने को मिली. पुलिस की कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों के घायल होने के वीडियो सामने आए तो वहीं दिल्ली पुलिस ने घायल कर्मियों की संख्या 118 से ज्यादा बताई. बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर माहौल जोश से भरा रहा. मौके पर कम से कम 1,000 प्रदर्शनकारी और सैंकड़ों पुलिसकर्मी मौजूद थे.
दिल्ली पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
जब पुलिसकर्मियों से पूछा गया कि अगर दोबारा संसद तक मार्च निकलेगा तो वो क्या करेंगे, इस सवाल के जवाब में सब-इंस्पेक्टर रैंक के एक अधिकारी ने कहा, "सुरक्षा इंतजाम वैसे ही रहेंगे और हम बैरियर फिर से लगा देंगे." रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कानूनी कार्रवाई, CCTV फुटेज और मोबाइल फोन वीडियो की जांच करने के अलावा यह पता लगाना शुरू कर दिया है कि क्या हिंसा किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी.
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