Jauhar University Case: ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट पहुंचा जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन, 28 जुलाई को होगी सुनवाई
Jauhar University Case: जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने ध्वस्तीकरण से संबंधी आदेश के खिलाफ मुरादाबाद के मंडलायुक्त (कमिश्नर) की अदालत में अपील दायर की. 28 जुलाई को मामले में सुनवाई होनी है.

जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को गिराने के रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के आदेश के खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मुरादाबाद के मंडलायुक्त (कमिश्नर) की अदालत में अपील दायर की. आरडीए ने 15 जुलाई को इन इमारतों को बिना नक्शे के अवैध निर्माण करार दिया था, साथ ही इसे 15 दिन के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया था. मंडलायुक्त की अदालत ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन की याचिका मंजूर कर ली है, 28 जुलाई को इस मामले की सुनवाई मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह की अदालत में होगी.
दरअसल, रामपुर विकास प्राधिकरण ने सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में बिना नक्शे के बनाए गए 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है. आरडीए की तरफ से15 जुलाई को जारी ध्वस्तीकरण के आदेश का अनुपालन करने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन को 15 दिन का समय दिया गया है. वहीं, इस आदेश के विरोध में तीन दिनों से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.
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कमिश्नर कोर्ट 28 जुलाई को करेगी सुनवाई
बताया गया कि सोमवार को विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं का एक पैनल मुरादाबाद में मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह के न्यायालय में ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने पहुंचा. हालांकि, मंडलायुक्त कांवड़ यात्रा के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करने मेरठ गए थे, इसके चलते इस अपील पर सुनवाई नहीं हो सकी. वकील कोर्ट में अपील दाखिल कर चले गए और अपील मंजूर कर ली गयी है. 28 जुलाई की तारीख सुनवाई के लिए लगी है.
40 में से सिर्फ दो भवनों का नक्शा
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने 28 जून को विश्वविद्यालय में एक टीम भेजकर भवनों की नापजोख कराते हुए उनके मानचित्र तलब किए थे. मगर विश्वविद्यालय प्रबंधन कुल 40 भवनों में सिर्फ दो भवनों का मानचित्र ही प्रस्तुत कर पाया था. इस पर प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था. सुनवाई के बाद 15 जुलाई को 38 भवनों को 15 दिन में खुद ध्वस्त कर लेने के आदेश यूनिवर्सिटी प्रशासन को दिए थे.
28 जुलाई को होगी मामले में सुनवाई
अब जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से मंडलायुक्त मुरादाबाद की अदालत में अपील दायर कर दी गयी है. जिसमे में 28 जुलाई को सुनवाई होगी. अब जौहर यूनिवर्सिटी की 38 बिल्डिंगों के ध्वस्तीकरण मामले में मंडलायुक्त की अदालत में सुनवाई होगी और मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण बुलडोजर एक्शन कुछ दिनों के लिए टल भी सकता है.
रामपुर की जेल में बंद हैं आजम खान
बता दें कि दो पैन कार्ड मामले में न्यायालय से दस वर्ष कैद की सजा सुनाए जाने के बाद पिछले वर्ष नवंबर से सपा नेता मोहम्मद आजम खान रामपुर जेल में बंद हैं. इस प्रकरण में उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है, वह भी रामपुर जेल में सजा काट रहे हैं.
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