BJP के संपर्क में सपा नेता! योगी के विधायक के दावे से मची खलबली
UP Politics: बीजेपी विधायक दीनानाथ भास्कर ने दावा किया है कि सपा नेता अंजनी सरोज और पूर्व विधायक मधुबाला पासी बीजेपी के संपर्क में है, जिससे सियासी गर्मी बढ़ गई है.

यूपी चुनाव से पहले प्रदेश में शह-मात का खेल शुरू हो चुका है. भदोही जिले की औराई (सुरक्षित) सीट से भाजपा विधायक, पूर्व मंत्री और विधानसभा में अनुसूचित जाति-जनजाति संयुक्त समिति के सभापति दीनानाथ भास्कर की सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी सरगर्मियां बढ़ा दी हैं, जिससे लखनऊ में सपा दफ़्तर तक माहौल गर्मा गया है.
पूरे विवाद की शुरुआत बीजेपी विधायक दीनानाथ भास्कर की सनातन वाली पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि 'सनातन सदियों से अमर है और अमर रहेगा. यदि सनातन से नफरत है तो समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं को मुसलमानों में ही शादी करनी चाहिए.
इसके बाद उन्होंने लिखा कि सपा की पूर्व प्रत्याशी अंजनी सरोज और पूर्व विधायक मधुबाला पासी सरोज चोरी-छिपे भाजपा नेताओं से मुलाकात कर रही हैं. भास्कर ने उन्हें खुला ऑफर भी दे दिया कि पर्दों के पीछे मिलने के बजाय सीधे भाजपा जॉइन कर लें, वे खुद उनका स्वागत करेंगे.
बीजेपी विधायक की पोस्ट से सियासी हलचल
दीनानाथ भास्कर के इस दावे के बाद हलचल तेज हो गई. बीते चुनाव में 1647 मतों से हारी औराई से सपा प्रत्याशी अंजनी सरोज ने भास्कर के आरोपों का जवाब देने के लिए एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिख डाला और उन पर कई आरोप लगाए और उनके विकास कार्यों को लेकर घेरने की कोशिश की. अंजनी सरोज ने प्रशासन से एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर दी. हालांकि उन्होंने इस पोस्ट में ये कहीं साफ तौर पर नहीं कहा कि वो साइकिल के ही साथ रहेंगी.
वहीं दूसरी ओर मधुबाला पासी ने भी बीजेपी विधायक के दावे पर स्पष्टीकरण नहीं दिया. उन्होंने सिर्फ इतना कहा- 'लश्कर भी तुम्हारा, सरदार भी तुम्हारा. झूठ को सच लिख दो अख़बार भी तुम्हारा.' दोनों सपा नेताओं की इस चुप्पी ने भास्कर के दावे को और हवा दे दी है. जिससे लखनऊ तक हलचल मच गई है.
भास्कर की पोस्ट से बीजेपी में भी खलबली
भास्कर के पोस्ट के बाद भाजपा के ही निवर्तमान जिला मंत्री चंदूलाल चंद्राकर भी मैदान में आ गए और उन्होंने ख़ुद को औराई का बेटा बताते हुए दीनानाथ भास्कर को कोबरा नाग की तरह डसने का आरोप लगा दिया. उन्होंने दावा किया जनता उन्हें ज्यादा पसंद करती है. जिसके बाद इस पूरे विवाद को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर दोनों तरफ कुछ लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
सपा को झटका देने की तैयारी!
दीनानाथ भास्कर के इस फेसबुक बम का असर सिर्फ भदोही या पूर्वांचल तक सीमित नहीं रहा बल्कि समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय लखनऊ में भी ये मामला जोरों पर चर्चा में है. अखिलेश यादव के करीबियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बातचीत गरम है कि आखिर औराई के सपा नेता चुपके-चुपके भाजपा वालों से क्यों मिल रहे हैं? अंजनी सरोज का भाजपा में न जाने का साफ खंडन न करना सपा के लिए चिंता की बात बन गया है.
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