कर्नाटक कैबिनेट पर बवाल, संकट में डीके शिवकुमार फिर करेंगे फेरबदल?
डीके शिवकुमार सरकार में शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस के कई नेताओं ने नाराजगी जताई है. ऐसे में जल्द ही सीएम फिर से फेरबदल कर सकते हैं. कर्नाटक में 3 अगस्त को ही सीएम ने कैबिनेट का विस्तार किया था.

कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार कैबिनेट विस्तार के बाद से संकट में है. कांग्रेस के कई नेताओं ने उनके नेतृत्व से नाराजगी जताई है और पदों से इस्तीफा तक दे चुके हैं. इस बीच सीएम ने सोमवार को AICC के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की. इस दौरान कैबिनेट में मामूली फेरबदल के बारे में और बातचीत की.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में एक महिला सदस्य को शामिल करने और नए मंत्रियों को विभाग सौंपने पर चर्चा की है. सूत्रों ने बताया कि नाराज़ विधायकों को जगह देने के लिए कैबिनेट विभागों में मामूली फेरबदल भी हो सकता है, जिसमें एक या दो नए मंत्रियों को हटाया जा सकता है.
खरगे की सीएम से मुलाकात
सीएम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ भी बैठक की. दोनों नेताओं ने दो घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की और सोमवार सुबह बेंगलुरु रवाना होने से पहले वेणुगोपाल से भी चर्चा की.
पिछले कुछ दिनों में, शिवकुमार, KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद, कर्नाटक के लिए AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुछ मंत्रियों ने उन विधायकों से संपर्क किया था जिन्हें मंत्रालय में जगह नहीं मिली, ताकि उन्हें मनाया जा सके.
पार्टी सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री 13 अगस्त से शुरू होने वाले राज्य विधानसभा के मानसून सत्र से पहले ये सभी प्रक्रियाएं पूरी करना चाहते हैं.
कब होगा विभागों का बंटवारा?
खरगे से मिलने के बाद शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा, "हमें एक महिला को शामिल करना है; हम ऐसा करेंगे. कोई जल्दबाज़ी नहीं है. विभाग बंटवारे का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा.''
कर्नाटक में कैबिनेट इस महीने की शुरुआत में बड़ा फेरबदल हुआ था. 19 मंत्रियों को शामिल किया गया था, जिससे मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या 33 हो गई थी. हालांकि अब तक विभागों का बंटवारा नहीं हुआ है.
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि कैबिनेट में नए शामिल किए गए मंत्रियों को विभाग सौंपने को लेकर कोई उलझन नहीं है और यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी.























