बस्ती में पलायन को मजबूर हिंदू परिवार, प्रधान अशफाक पर मारपीट का आरोप
Basti News In Hindi: बस्ती में एक परिवार के पलायन की ख़बर सामने आई है. पीड़िता का आरोप है कि गाँव के प्रधान अशफाक ने उसके परिवार के साथ मारपीट की और धमकी दी, जिसके बाद वो पलायन के लिए मजबूर हो गए.

उत्तर प्रदेश के बस्ती में ज़मीन विवाद के बाद यें परिवार के पलायन करने के दावे के बाद हड़कंप मच गया है. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव के प्रधान अशफाक उर्फ पिंकू और सहयोगियों ने परिवार के साथ मारपीट की धमकियां दी, जिसकी वजह से उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. वहीं दूसरी ओर, बस्ती पुलिस ने पूरे मामले की जांच के बाद पलायन और मारपीट के दावों को झूठा व मनगढ़ंत करार दिया है.
ये घटना जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र स्थित खम्हरिया गांव की है. जहां रहने वाली पीड़िता अकालपति का आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव के प्रधान अशफाक उर्फ पिंकू, असलम और इम्तियाज ने उसके पति भगवानदीन राजभर को कुसौरा बाजार में रोककर लाठी-डंडों से पीटा. यही नहीं आरोपियों ने घर में घुसकर परिजनों और एक गर्भवती महिला के साथ अभद्रता व मारपीट की.
पीड़िता ने लगाए मारपीट व धमकाने के आरोप
अकालपति का दावा है कि जब वह शिकायत लेकर कलवारी थाने पहुंचीं, तो पुलिस ने उनकी तहरीर पर मामला दर्ज करने के बजाय उन्हें घंटों बैठाए रखा और कोई सख्त कार्रवाई नहीं की. पुलिसिया शिथिलता और दबंगों के खौफ से तंग आकर पूरे परिवार ने गांव से पलायन कर लिया है.
ये मामला सामने आने के बाद सियासी हलचलें तेज हो गई हैं. यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. वहीं अब पूरे विवाद में हिन्दू संगठनों की एंट्री हो चुकी है. विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष और हिंदूवादी नेता दिग्विजय सिंह ने बस्ती के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.
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मारपीट की बात को पुलिस ने नकारा
पूरे विवाद पर बस्ती के डीएसपी बृजेश सिंह ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई गई है तो सत्यता कुछ और ही निकली है. एएसपी के अनुसार, बीते 20 जुलाई को पीड़िता का पति भगवानदीन शराब के नशे में कुसौरा बाजार में आम लोगों से गाली-गलौज कर रहा था और ईंट-पत्थर चला रहा था, जिससे स्थानीय ग्रामीण परेशान थे.
इसी दौरान जब ग्राम प्रधान अशफाक वहां से अपनी गाड़ी से गुजर रहे थे, तब भगवानदीन ने बेवजह आरोप लगाते हुए उन्हें रोक लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था. पुलिस ने स्पष्ट किया कि घर में घुसकर मारपीट करने या परिवार के पलायन करने जैसे आरोप पूरी तरह असत्य और मनगढ़ंत हैं.
हालांकि इस मामले में वायरल वीडियो के बारे में डीएसपी के पास कोई जवाब नहीं था. एक पक्षीय कार्रवाई के बाद हिंदूवादी संगठनों ने मोर्चा संभाल लिया है और अल्टीमेटम दिया है कि अगर समय रहते पीड़ित परिवार की शिकायत नहीं दर्ज की गई और उनका उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो वे शांत नहीं रहेंगे.
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