भारत की पहली 'टॉप गन' भावना, नाम सुनते ही खौफ खाएगा पाकिस्तान
First Women Top Gun: भारतीय वायु सेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने पहली महिला टॉप गन बनकर इतिहास रच दिया है. उन्होंने भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स को पूरा किया है.

स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने भारतीय वायु सेना ने वो मुकाम हासिल कर लिया है जो आजतक किसी ने हासिल नहीं किया है. स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ग्वालियर में 'टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट' में प्रतिष्ठित 'फाइटर कॉम्बैट लीडर' (FCL) कोर्स पूरा करने वाली पहली महिला पायलट बन गई हैं.
रचा इतिहास
बिहार के एक छोटे से शहर से आसमान में उड़ने का सपना देखने वाली भावना ने आज इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है. इससे पहले 2021 में भावना कंठ गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लेने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं. वो भारत की उन शुरुआती तीन महिला फाइटर पायलटों की तिकड़ी में शामिल रही हैं जिन्होंने कॉकपिट संभाला था.
क्या है टॉप गन स्कूल?
ग्वालियर स्थित 'टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट' (TACDE) को भारतीय वायुसेना का टॉप गन स्कूल कहा जाता है. आज तक कोई भी महिला पायलट यहां से ग्रेजुएट नहीं हुई थी.
कठिन ट्रेनिंग की पार
भावना ने 20 हफ्तों की सबसे कठिन और उन्नत फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है. आपको बता दें कि इस कोर्स के लिए चुने जाना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात है, क्योंकि सौ (100) में से केवल एक ही पायलट को इस कठिन ट्रेनिंग की परीक्षा देने का मौका मिलता है.
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ फिलहाल सुखोई-30MKI (Sukhoi-30MKI) फाइटर जेट उड़ाती हैं। शुरुआत में उन्होंने मिग-21 (MiG-21) उड़ाया था, जिसके बाद वे वायुसेना के इस सबसे प्रमुख और ताकतवर जेट को उड़ाने के स्तर तक पहुंचीं.
बचपन का था सपना
भावना ने साल 2016 में दिए एक इंटरव्यू में कहा था- मेरे लिए ये बचपन का सपना था.जैसे ही मुझे मौका मिला मैंने उसे पकड़ने में एक सेकंड भी नहीं लगाया और मैं यहां हूं. मुझे नहीं लगता कि अब इसका समय है. मुझे लगता है कि यह हमेशा के लिए समय था.
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