बेटे आबान के जनाजे में मां शाइस्ता परवीन के शामिल होने पर सस्पेंस, पुलिस की रहेगी नजर!
Atiq Ahmed Son Death: झांसी में सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान के अंतिम संस्कार को लेकर सबसे बड़ा सवाल उसकी मां शाइस्ता परवीन को लेकर बना हुआ है.

झांसी में सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान के अंतिम संस्कार को लेकर सबसे बड़ा सवाल उसकी मां शाइस्ता परवीन को लेकर बना हुआ है. आबान के अंतिम दर्शन के लिए शाइस्ता परवीन पहुंचेगी या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है. हालांकि, इसकी संभावना ना के बराबर मानी जा रही है.
शाइस्ता परवीन पिछले करीब सवा तीन सालों से फरार है. उसके खिलाफ कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं. यूपी पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा है. यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कई राज्यों में उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई है. उसकी कई संपत्तियों की कुर्की भी की जा चुकी है. पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए वो लगातार अपने ठिकाने बदल रही है.
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शाइस्ता परवीन क्या पहुंचेगी बेटे के अंतिम दर्शन के लिए?
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल और यूपी पुलिस के दो कांस्टेबल शूटआउट मामले में भी शाइस्ता परवीन आरोपी है. उसके खिलाफ कई अन्य मामले भी दर्ज हैं. ऐसे में अगर शाइस्ता परवीन अपने सबसे छोटे और लाडले बेटे आबान के अंतिम दर्शन के लिए आती है तो पुलिस उसे तुरंत गिरफ्तार कर सकती है. इसी वजह से अंतिम संस्कार में उसके शामिल होने की संभावना बहुत कम मानी जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां भी इस संभावना को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट पर हैं.
आबान की चाची और बुआ भी हैं फरार
केवल शाइस्ता परवीन ही नहीं, बल्कि माफिया अतीक के सबसे छोटे बेटे आबान के अंतिम संस्कार में उसकी इकलौती चाची जैनब फातिमा और बुआ आयशा नूरी के शामिल होने पर भी सस्पेंस बना हुआ है. दोनों ही यूपी पुलिस की वांटेड हैं और दोनों पर भी इनाम घोषित है. शाइस्ता की तरह जैनब फातिमा और आयशा नूरी भी अतीक अहमद, अशरफ और असद की मौत के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंची थीं. जैनब फातिमा, अतीक के इकलौते भाई अशरफ की पत्नी है.
कौन देगा जनाजे को कंधा?
वहीं, आबान के जनाजे में उसके दो सबसे बड़े भाई उमर और अली भी शामिल नहीं हो सकेंगे. दोनों अलग-अलग जेलों की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद हैं. इसी वजह से दोनों अपने छोटे भाई के जनाजे को कांधा भी नहीं दे पाएंगे. अब सिर्फ चौथे नंबर का भाई एहजम ही जनाजे में शामिल होगा और आबान को दफनाए जाने के बाद उसकी कब्र पर मिट्टी डाल सकेगा. ऐसे में आबान के अंतिम संस्कार के साथ-साथ शाइस्ता परवीन और परिवार के अन्य वांटेड सदस्यों के पहुंचने या नहीं पहुंचने पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
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