आजमगढ़: छात्रसंघ चुनाव को लेकर मार्च, पुलिस से नोकझोंक
Azamgarh News In Hindi: आजमगढ़ में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और फीस वृद्धि के खिलाफ सपा छात्र सभा ने प्रदर्शन किया. कलेक्ट्रेट जा रहे छात्रों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई.

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर गुरुवार को छात्रों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा. समाजवादी छात्र सभा (सपा छात्र सभा) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने कलेक्ट्रेट की ओर एक विशाल विरोध मार्च निकाला. हालांकि, पुलिस ने बीच रास्ते में ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी नोकझोंक और बहस हुई. इस दौरान छात्रों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे इलाके में काफी देर तक तनाव और अफरातफरी का माहौल बना रहा.
पुलिस और छात्रों के बीच हुई तीखी बहस
जानकारी के अनुसार, सपा छात्र सभा के कार्यकर्ता अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपने जा रहे थे. जब यह हुजूम कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ रहा था, तो भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया. पुलिस का तर्क था कि सड़क पर इस तरह के बड़े प्रदर्शन से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, छात्र कलेक्ट्रेट तक जाने की अपनी मांग पर अड़े रहे. इस गतिरोध के चलते सड़क पर ही पुलिस अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच काफी देर तक तीखी बहस चलती रही.
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एडीएम की समझाइश के बाद शांत हुए छात्र
स्थिति को बिगड़ता देख और तनाव को नियंत्रित करने के लिए मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी. इसी बीच, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने उग्र हो रहे छात्रों से काफी देर तक बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया. प्रशासनिक अधिकारी के आश्वासन के बाद छात्र वहीं रुकने को तैयार हुए और उन्होंने एडीएम के माध्यम से ही महामहिम राज्यपाल को अपना ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में उठाई गईं ये प्रमुख मांगें
छात्रों द्वारा सौंपे गए सात सूत्रीय ज्ञापन में कई अहम मुद्दे शामिल किए गए हैं. इनमें सबसे प्रमुख मांग प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव तत्काल प्रभाव से बहाल कराने की है. इसके अलावा छात्रों ने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखीं.
- शिक्षण संस्थानों में हो रही मनमानी फीस वृद्धि पर तुरंत रोक लगाई जाए और पूर्व में बढ़ाई गई फीस की समीक्षा कर छात्रों को आर्थिक राहत दी जाए.
- रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए.
- महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय (एमएसडीयू) से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में चल रही प्रबंधकों और प्रशासन की मनमानी पर लगाम कसी जाए.
- छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए परिसरों में उचित लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए.
- फीस, छात्रवृत्ति और शिक्षा से जुड़ी अन्य रोजमर्रा की शिकायतों की समयबद्ध तरीके से सुनवाई के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी इन मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो वे आने वाले दिनों में अपना यह आंदोलन और भी उग्र करने के लिए बाध्य होंगे.
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