आजमगढ़ में स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सख्ती, बिना परमिट संचालन पर रोक
यूपी के आजमगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर मंडलायुक्त ने मंगलवार को बैठक की, जिसमें स्कूली बसों की सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सड़कों पर ब्लैक स्पॉट ठीक करने के निर्देश दिए गए.

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, स्कूली वाहनों की सुरक्षा, ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्रवाई, यातायात नियमों के अनुपालन तथा प्रवर्तन कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई.
बैठक में स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर सख्ती, बिना परमिट वाहनों के संचालन पर रोक के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई तेज करने और वाहन चलाते समय हेलमेट, सीटबेल्ट का इस्तेमाल करने पर विशेष ज़ोर दिया गया है. मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट को ठीक किया जाए ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने पर जोर
इस बैठक में आरटीओ प्रवर्तन सुनील दत्त ने जानकारी दी स्कूली वाहनों के विरुद्ध की गई प्रवर्तन कार्रवाई के क्रम में 1 अप्रैल से 24 अगस्त 2026 तक मंडल के तीनों जनपदों में कुल 656 वाहनों का चालान तथा 169 स्कूली वाहनों को बंद किया गया है. इसी प्रकार मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के अन्तर्गत 1 जुलाई 2026 से 24 अगस्त 2026 तक मण्डल के तीनों जनपदों में 484 वाहनों का चालान तथा 148 स्कूली वाहनों को बंद किया गया है.
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इस दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि जनपद में कोई भी वाहन बिना परमिट के सड़क पर संचालित नहीं होना चाहिए. उन्होंने स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक मानकों की नियमित जांच करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सख्ती
आरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक मण्डल के तीनों जनपदों में कुल 908 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें 644 व्यक्ति घायल तथा 534 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है. सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट के संबंध में बताया गया कि जनपद आजमगढ़ में 38, मऊ में 24 तथा बलिया में 33 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर सुधारात्मक कार्रवाई की गई है.
मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की नियमित समीक्षा की जाए तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर संकेतक, प्रकाश व्यवस्था, रोड मार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं.
हेलमेट एवं सीटबेल्ट के प्रयोग पर विशेष जोर
मंडल के तीनों जनपदों में परिवहन विभाग द्वारा हेलमेट के संबंध में 10,194, सीट बेल्ट के संबंध में 1,893, नम्बर प्लेट के संबंध में 1,415, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग पर 1,254, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 1,278 तथा ओवर स्पीड के संबंध में 4,353 वाहनों पर कार्रवाई की गई.
इसी प्रकार पुलिस विभाग द्वारा हेलमेट के संबंध में 2,34,411, सीटबेल्ट के संबंध में 8,626, नम्बर प्लेट के संबंध में 7,448, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग पर 1,524, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 4,644 तथा ओवर स्पीड के संबंध में 1,034 वाहनों पर कार्रवाई की गई.
मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चलाते समय सीटबेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए. उन्होंने पेट्रोल पम्प संचालकों के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा हेलमेट एवं सीटबेल्ट का प्रयोग न करने वाले वाहन चालकों के संबंध में शासन के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए.
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