अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, धार्मिक समिति का होगा पुनर्गठन, चढ़ावे की गणना पर भी चर्चा
Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की अहम बैठक हुई, जिसमें तीन नए ट्रस्टियों और नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर चर्चा हुई. इसके अलावा चंदा गिनती पर बात हुई.

अयोध्या के मणिरामदास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक आयोजित हुई. ये बैठक करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें राम मंदिर से जुड़े हर मुद्दे पर गहन चर्चा हुई. इसमें श्रावण मास में संभावित अपेक्षाकृत अधिक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ आगमन को दृष्टिगत कर आवश्यक निर्णय, न्यासी मंडल में रिक्त स्थानों की पूर्ति, चढ़ावे की गिनती को लेकर चर्चा की गई.
राम मंदिर चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में हुई अनियमितता को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली हैं ऐसे में ट्रस्ट में इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हो पाई है. वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में प्रविष्ट याचिकाओं पर सुनवाई की प्रगति एवं माननीय न्यायालय के आदेशों का संज्ञान लिया है.
बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के न्यासियों ने मंदिर परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंच की स्थिति की समीक्षा की और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि चढ़ावा राशि के गणना कक्ष सहित समस्त कैमरों की पहुँच सभी सुरक्षा अधिकारियों को पहले से उपलब्ध कराई गई है.
चंदा गणना के लिए मानक प्रक्रिया पर विचार
न्यासी मंडल ने इसपर भी संतोष जताया कि भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल (मिंट) के साथ सोने और चांदी के चढ़ावे की मात्रा एवं शुद्धता जांचने की व्यवस्था अनवरत चालू रखने का निश्चय किया है. इस प्रकरण में स्टेट बैंक के साथ सम्पन्न एमओयू में बैंक के दायित्वों और उनके अनुपालन में बैंक की त्रुटियों पर समग्र चर्चा हुई. न्यास की वित्त समिति को बैंक के साथ सम्बन्धों पर और मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लेने को कहा है.
राम मंदिर के लिए एक उपयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ के चयन के लिए गठित समिति ने कहा कि इसके लिए भारी संख्या में आवेदन आए हैं. ऐसे में उचित चयन के लिए एक महीने का अतिरक्त समय आवश्यक है. जिसके बाद बैठक में इस बात को स्वीकार किया गया और कहा कि विषय की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए ये आवश्यक है.
मीडिया से संवाद के लिए प्रवक्ता की नियुक्ति
न्यास ने राम मंदिर और ट्रस्ट को लेकर मीडिया और समाज से संवाद के लिए उपयुक्त प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय किया है. न्यासी मंडल ने न्यासियों के रिक्त स्थानों की पूर्ति हेतु किए जा रहे प्रयासों का संज्ञान लिया. ट्रस्ट का मानना है कि इसमें अभी कुछ और समय लग सकता है.
'अगर बच्चे घायल हुए तो पुलिसवाले भी जख्मी हुए हैं', दिल्ली प्रोटेस्ट पर अपर्णा यादव का बड़ा बयान
धार्मिक समिति का पुनर्गठन
न्यास ने मंदिर परिसर में पूजा अर्चना की परंपरागत प्रामाणिकता और शुद्धता बनाए रखने के निमित्त धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है. स्वामी गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता वाली इस समिति में जगद्गुरू शंकराचार्य ज्योतिश्पीठाधिपति वासुदेवानंद सरस्वती महाराज, मध्वपीठाधिपति स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ महाराज, पूज्य स्वामी दिनेंद्र दास निर्मोही अखाड़ा, पूज्य स्वामी कमल नयन दास मणिराम छावनी, पूज्य महंत राजकुमार दास (रमावल्लभ कुंज), स्वामी रामानन्द दास (राम कथा कुंज) एवं स्वामी मिथिलेश्नंदिनी शरण सदस्य रहेंगे.
बैठक से बाहर निकलकर वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि प्रबंध समिति की नियुक्ति होगी जो सारा दर्शन आदि का प्रबंध देखेगी. इसके अलावा एक सीओ नियुक्त होगा. ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को होगी और सदस्य को लेकर अगली बैठक में फैसला होगा. जो समिति बनाई जाएगी, उसमें बदलाव नहीं होगा.























