उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी! 71 सड़कें बाधित, देहरादून-हरिद्वार समेत 5 जिलों में मूसलाधार बारिश
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 9 जुलाई के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. पर्वतीय इलाकों के साथ मैदानी इलाकों में ज़ोरदार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने का अनुमान जताया है. देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल समेत पांच जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं
उत्तराखंड में बीते कई दिनों से बारिश का दौर जारी है. बारिश की वजह से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें बाधित होने की आशंका जताई गई है. लगातार बारिश के चलते प्रदेश में 71 सड़कें बंद हैं. वहीं चारधाम यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार एक अप्रैल 2026 से अब तक विभिन्न आपदाओं में 20 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि, 23 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 9 बड़े व 670 छोटे पशुओं की मृत्यु हो चुकी है और 7 मकानों के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं दर्ज की गई है. अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और टिहरी जैसे जिले इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित है.
5 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 9 जुलाई के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है. इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी. वहीं 11 और 12 जुलाई को भी कई पर्वतीय जिलों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. 14 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है.
पंतनगर में सबसे अधिक 113.8 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे के वर्षा आंकड़े बताते हैं कि राज्य के कई हिस्सों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में औसतन 15.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जबकि, पंतनगर में सर्वाधिक 113.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई.
इसके अलावा भगवानपुर में 68.0 मिमी, ऋषिकेश में 54.0 मिमी, मुक्तेश्वर में 44.8 मिमी, धनोल्टी में 44.0 मिमी, नैनीताल में 43.0 मिमी, चमोली में 36.4 मिमी, टिहरी में 33.0 मिमी, चम्पावत में 32.0 मिमी तथा लोहाघाट में 31.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई.
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मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसून की स्थिति को फिलहाल सामान्य श्रेणी में रखा है. लेकिन, स्थानीय स्तर पर कई स्थानों पर भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल से अब तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं.
भूस्खलन और मलबे से 71 मार्ग प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और मलबा आने की घटनाओं की आशंका बनी हुई है. जिससे ग्रामीण संपर्क मार्गों और राहत कार्यों पर भी असर पड़ सकता है. बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में सड़क मार्ग भी प्रभावित हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 71 सड़कें बंद हैं. इनमें चमोली में 19, पिथौरागढ़ में 15, बागेश्वर में 11, नैनीताल और टिहरी में 6-6, देहरादून में 5, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में 3-3, चम्पावत में 2 तथा अल्मोड़ा में 1 सड़क बंद है.
बंद मार्गों में 2 स्टेट हाईवे, 1 बीआरओ रोड, 16 लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कें तथा 52 ग्रामीण और पीएमजीएसवाई सड़कें शामिल हैं. सबसे अधिक परेशानी चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पर्वतीय जिलों में सामने आ रही है. जहां कई गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. प्रशासन बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने में जुटा है, जबकि संवेदनशील स्थानों पर मशीनें और टीमें तैनात की गई हैं.

























