1800 करोड़ का भव्य राम मंदिर, 21 मार्च को होंगे बड़े फैसले, दर्शन-सुरक्षा और संग्रहालय का प्लान
Ayodhya News In Hindi: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण अंतिम चरण में है, जिस पर लगभग 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 21 मार्च को ट्रस्ट बैठक में सप्त मंदिरों के दर्शन पर निर्णय होगा.

अयोध्या के राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़े अपडेट सामने आए हैं. भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट बैठक से पहले परियोजना की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है और कुल खर्च लगभग 1800 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी हाल ही में मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर संतोष जताया है.
21 मार्च की ट्रस्ट बैठक में होंगे बड़े फैसले
21 मार्च को राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. बैठक में सप्त मंदिरों की दर्शन व्यवस्था पर विचार होगा. संभावना है कि राम नवमी के बाद परकोटे में स्थित सप्त ऋषि मंदिरों सहित अन्य मंदिरों में भी दर्शन शुरू कर दिए जाएं. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब मंदिर परिसर में बड़े स्तर के कार्यक्रम नहीं होंगे और सप्त मंदिरों में ध्वजा स्थापना सामान्य तरीके से आयोजित की जाएगी.
हुतात्मा स्मारक में 2 महीने बाकी
पुराने मंदिर की स्मृति में बनाए जा रहे मेमोरियल का कार्य अंतिम चरण में है और पुराने स्वरूप के आधार पर लकड़ी का मंदिर भी स्मारक के रूप में विकसित किया गया है. हालांकि हुतात्मा स्मारक का कार्य अभी शेष है. हुतात्मा पिलर्स पर ललितपुर का ग्रेनाइट लगाने में करीब दो महीने का समय और लगेगा. मंदिर परिसर में लगभग 4 किलोमीटर लंबी सुरक्षा परिधि यानी सिक्योरिटी कॉरिडोर बनाने की योजना है जिसे पूरा होने में करीब 6 महीने लगेंगे.
IIT मद्रास के साथ अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का अनुबंध
अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को लेकर भी बड़ी प्रगति सामने आई है. IIT मद्रास की प्रवर्तक संस्था के साथ अनुबंध किया गया है और यह संग्रहालय लगभग एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है. यह संग्रहालय देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राम कथा और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को जानने का एक बड़ा केंद्र बनेगा.























