AMU चुनाव: फाइनल स्पीच में गाजा, ईरान और सूडान का जिक्र, छात्र की स्पीच वायरल
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 8 साल बाद हो रहे छात्रसंघ चुनाव से पहले अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ने अपनी फाइनल स्पीच में गाजा, फिलिस्तीन, ईरान और सूडान का मुद्दा उठाते हुए छात्रों के सामने अपील की.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. करीब 8 साल बाद हो रहे चुनाव में प्रत्याशी अपनी जीत के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं. चुनाव से पहले आयोजित फाइनल स्पीच में अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों ने छात्रों के सामने अपनी बात रखी और उन्हें अपने पक्ष में वोट देने के लिए आकर्षित करने की कोशिश की. इस दौरान अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नोमान अशरफ की स्पीच चर्चा का विषय रही.
नोमान अशरफ ने अपनी फाइनल स्पीच में विश्वविद्यालय के मुद्दों के साथ अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी बात की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "ऐ फलस्तीन के लोगों! ऐ ईरान, सूडान के लोगों! तुम्हारे लिए मेरा दिल धड़कता है. तुम्हारे लिए मेरा दिल तड़पता है. घबराने की जरूरत नहीं है. उम्मत-ए-मुस्लिमा तुम्हारे साथ खड़ी है. हर तारीखी के बाद, अंधेरे के बाद सुबह होनी है. अबीनों का लश्कर आएगा. तुम्हारी फतह होगी. अल्लाह तुम्हें बचाएगा. इंशा अल्लाह तबाराक अल्लाह तुम फुरूल होंगे, कामयाब होंगे. इंशा अल्लाह तबाराक तआला."
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8 साल बाद हो रहा छात्रसंघ चुनाव
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में करीब 8 साल के लंबे अंतराल के बाद छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं. ऐसे में छात्रों के बीच चुनाव को लेकर खासा उत्साह है. विश्वविद्यालय में फाइनल स्पीच की भी अपनी एक अलग परंपरा रही है.
"गाजा-फिलिस्तीन, ईरान-सूडान के मुसलमानों के लिए धड़कता है दिल" AMU अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का भाषण वायरल https://t.co/Ns28MEIP8g
— Pankaj yadav (@pankajyadav1520) November 6, 2026
माना जाता है कि जिस प्रत्याशी की स्पीच दमदार और प्रभावशाली होती है, उसे चुनाव में जीत का मजबूत दावेदार माना जाता है. यही वजह है कि सभी उम्मीदवारों ने अपनी बात रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
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अध्यक्ष पद पर 9 उम्मीदवार मैदान में
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए कुल 9 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए 7 और सचिव पद के लिए 3 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसके अलावा कैबिनेट सदस्य के पदों के लिए 46 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के योग्य पाया गया है.
अब सभी की नजरें मतदान और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं. खास बात यह होगी कि फाइनल स्पीच में छात्रों को प्रभावित करने वाले प्रत्याशियों में से किसे वोट के रूप में समर्थन मिलता है.






















