अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम की भंग हुई मर्यादा, हथियार के साथ गर्भगृह में घुसा बरेली DM का गार्ड
Almora News In Hindi: बरेली DM अविनाश सिंह जागेश्वर धाम में पूजा के दौरान अपने असलहाधारी गनर के साथ गर्भगृह में प्रवेश कर गए. इस घटना के बाद पुजारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली.

अल्मोड़ा जिले स्थित जागेश्वर धाम में एक विवादित घटना सामने आई है, जिसने धार्मिक मर्यादाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर बहस छेड़ दी है. बताया जा रहा है कि अविनाश सिंह, जो उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के जिलाधिकारी हैं, मंदिर में पूजा के दौरान अपने असलहाधारी गनर के साथ गर्भगृह में प्रवेश कर गए. इस घटना के बाद पुजारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली.
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार 19 अप्रैल की है, जब अविनाश सिंह जागेश्वर धाम पहुंचे थे. उन्होंने वहां नवग्रह पूजा करवाई और इसी दौरान उनका गनर भी उनके साथ गर्भगृह में मौजूद रहा. गनर के पास कार्बाइन जैसा हथियार था, जिसे देखकर पुजारियों ने आपत्ति जताई. उनका कहना था कि मंदिर के गर्भगृह में किसी भी प्रकार का हथियार ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन है.
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गर्भगृह की पवित्रता सर्वोपरि- पुजारी
पुजारियों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि भगवान जागेश्वर के गर्भगृह की पवित्रता सर्वोपरि है और इसे किसी भी स्थिति में भंग नहीं होने दिया जा सकता. उनका कहना था कि पूर्व में जब पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी जैसे वीआईपी यहां पहुंचे थे, तब भी गर्भगृह में किसी प्रकार का हथियार नहीं ले जाया गया था. ऐसे में इस तरह की घटना आस्था को ठेस पहुंचाने वाली है.
घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी
घटना के बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी इसको लेकर चर्चा और नाराजगी देखने को मिली. कई लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुजारियों ने स्पष्ट कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जा सकती.
'नियमों के पालन के लिए लगाए जाएंगे फ्लैक्स बोर्ड'
इस मामले के सामने आने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) में भी हलचल मच गई. एएसआई के अधीक्षक नीरज मैठाणी ने कहा कि मंदिर की पवित्रता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नए फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें स्पष्ट रूप से यह उल्लेख होगा कि गर्भगृह में हथियार ले जाना प्रतिबंधित है. साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
मामले में जांच के निर्देश
देहरादून तक पहुंचे इस मामले पर एएसआई के एक अन्य अधिकारी मोहन चंद्र जोशी ने भी जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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वहीं, इस पूरे विवाद पर अविनाश सिंह का भी पक्ष सामने आया है. उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान उन्हें पानी की आवश्यकता हुई थी, जिसके लिए उन्होंने अपने गनर को बुलाया. संभवतः इसी दौरान गनर भूलवश हथियार के साथ गर्भगृह में प्रवेश कर गया. उन्होंने कहा कि वह मंदिर की परंपराओं से भली-भांति परिचित हैं और जो कुछ हुआ, वह अनजाने में हुआ.
बताते चलें कि अविनाश सिंह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी हैं. वे पहले गोरखपुर में नगर आयुक्त और मिर्जापुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी कार्य कर चुके हैं. वर्ष 2023 में उन्हें पहली बार अंबेडकर नगर का जिलाधिकारी बनाया गया था और 2025 में उनका तबादला बरेली में किया गया.
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