Aligarh News: हिंदू महिला प्रोफेसर ने AMU प्रशासन पर लगाए भेदभाव के आरोप, कार्रवाई की मांग की
AMU News: राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि वे वर्ष 1998 से केवल हिंदू होने के कारण मानसिक और पेशेवर उत्पीड़न झेल रही हैं. मामले में कार्रवाई की मांग उन्होंने की.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अक्सर अलग-अलग मामलों को लेकर सुर्खियों में रहता है. इस बार विश्वविद्यालय प्रबंधन पर हिंदू महिला प्रोफेसर ने भेदभाव का आरोप लगाया है. बताया जाता है कि महिला हिंदू प्रोफेसर ने अपने ही विभाग के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला ने कहा कि उसने अलग-अलग विभागों में इसकी शिकायत की लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई. महिला ने इस मामले को कोर्ट में ले जाने की बात कही है.
दरअसल, पूरा मामला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का है, जहां एक बार फिर एएमयू की हिंदू प्रोफेसर ने अपने ही चेयर पर्सन पर गंभीर आरोप लगाए है. हिंदू महिला प्रोफेसर ने बताया कि चेयरपर्सन लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है. राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर रचना कौशल ने आरोप लगाया है कि वे वर्ष 1998 से केवल हिंदू होने के कारण मानसिक और पेशेवर उत्पीड़न झेल रही हैं.
डीन पद से हटाने की मांग
महिला प्रोफेसर ने विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी पर साम्प्रदायिक टिप्पणियां करने, अधिकारों के दुरुपयोग और भेदभावपूर्ण रवैया का आरोप लगाया है. प्रोफेसर रचना कौशल ने कुलपति को शिकायती पत्र सौंपते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग, उसकी ट्रांसक्रिप्ट और अन्य दस्तावेज भी दिए हैं. वरिष्ठता के बावजूद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नहीं दी गई. प्रोफेसर रचना कौशल ने निष्पक्ष जांच और डीन को पद से हटाने की मांग की है.
एएमयू प्रशासन ने क्या कहा?
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए बयान में जनसंपर्क अधिकारी विभा शर्मा की ओर से कहा गया कि ऐसी किसी भी गतिविधि के प्रति पूर्णतया जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करता है, जो किसी भी व्यक्ति की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों के विरुद्ध हो. विश्वविद्यालय प्रशासन ने राजनीति विज्ञान विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर से संबंधित विषय का संज्ञान लिया है.
बयान में कहा गया कि यह स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि विश्वविद्यालय इस प्रकार के किसी भी कृत्य को किसी भी स्थिति में स्वीकार या प्रोत्साहित नहीं करता. यदि इस प्रकार की कोई घटना घटित हुई है, तो उसकी निष्पक्ष एवं गहन जांच विश्वविद्यालय के नियमों, अधिनियमों एवं विधिसम्मत प्रक्रियाओं के अनुरूप की जाएगी. प्रशासन परिसर में अनुशासन, पारस्परिक सम्मान, समावेशन और न्याय पर आधारित वातावरण बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है.
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