Know Your District: तालों की नगरी है Aligarh, आखिर क्या है इस जिले का इतिहास, जानें आबादी, क्षेत्रफल, भाषा, सबकुछ
Aligarh District: उत्तर प्रदेश के पश्चिम में स्थित अलीगढ़ जिला तालों के लिए देश भर में प्रसिद्ध है. इब्राहिम लोदी के कार्यकाल में इसे मुहम्मदगढ़ के नाम से जाना जाता था.

Aligarh: उत्तर प्रदेश स्थित अलीगढ़ जिला भारत के प्राचीन शहरों में से एक है. अलीगढ़ को तालों का शहर भी कहा जाता है.18वीं शताब्दी में इस शहर को कोल या कोइल के नाम से जाना जाता था. इतिहासकारों की मानें तो कोल की स्थापना 372 ईस्वी में दोर जनजाति के राजपूतों ने की थी.
इतिहास
- अलीगढ़ का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा हुआ है. भगवान श्रीकृष्ण के भाई बलराम ने इसी स्थान पर कोले नाम के असुर का वध किया था.
- मुस्लिम आक्रमणकारियों से पहले यहां राजपूत वंश का शासन हुआ करता था.
- कुतुब -उद-दीन ने अपनी सल्तनत का विस्तार कोईल तक किया था.
- इब्राहिम लोदी के कार्यकाल के दौरान इस शहर का पुनर्निमाण कराया गया. उस समय इसका नाम मुहम्मदगढ़ रखा गया.
- साल 1753 में शिया कमांडर नजाफ खान ने इस शहर का नाम अलीगढ़ रखा.
आबादी
अलीगढ़, राज्य में जनसंख्या की दृष्टि से 19वां स्थान पर है. 2011 की जनगणना के अनुसार अलीगढ़ की जनसंख्या 874408 थी जिसमें पुरुषों की जनसंख्या 61772 और महिलाओं की जनसंख्या 412636 थी.
अलीगढ़ की साक्षरता दर 59.37 प्रतिशत है. जिले का लिंगानुपात यानी प्रति हजार पुरुषों पर 882 महिलाएं हैं.
क्षेत्र
- अलीगढ़ का क्षेत्रफल 3747 है.
- इस जिले के अतंर्गत लोकसभा की एक सीट और पांच विधानसभा की सीट आती है.
भाषा
हिंदी के अलावा अलीगढ़ में अंग्रेजी और उर्दू बोली जाती है.
नदी
- अलीगढ़ को दोआब का क्षेत्र माना जाता है दरअसल ये दो नदियों गंगा और यमुना के मध्य स्थित है.
- यहां सेंगर, छोइया, नीम, रुतबा, सिरसा, बड़गंगा, रद और काली नदियों का भी अस्तित्व मिलता है. हालांकि वर्तमान में गंगा, यमुना और काली नदी को छोड़कर बाकी सारी नदियां विलुप्त हो चुकी हैं.
अर्थव्यवस्था
- अलीगढ़ की अर्थव्यवस्था पशुपालन, कृषि, मछली पालन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.
- अलीगढ़ में ताले बनाए जाते हैं. यहां के ताले देशभर में प्रसिद्ध हैं.
- जिले में हार्डवेयर, मूर्ति, ऑटो और खाद्य पदार्थों का भी उत्पादन होता है.
पर्यटक स्थल
- पर्यटक के तौर पर अलीगढ़ का किला, मुगलकाल का जामा मस्जिद प्रसिद्ध है.
- अलीगढ़ का खेरेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है.
- जिले का मौलाना आजाद लाईब्रेरी 4.75 एकड़ में फैली हुई है. यह पुस्तकालय एशिया की दूसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी है.
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Source: IOCL






















