आगरा में पुलिस हिरासत में युवक की मौत, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार पर साधा निशाना
Agra News: इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराने में जुट रहे और आश्वासन दिया गया कि अगर कोई पुलिस कर्मी दोषी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी.

UP News: उत्तर प्रदेश के आगरा के थाना डोकी क्षेत्र की काबिश चौकी में पुलिस पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई. एक मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने चौकी पर बुलाया था और संदिग्ध परिस्थितियों में व्यक्ति की मौत हो गई. व्यक्ति की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को हुई तो परिवार में कोहराम मच गया और परिजन ग्रामीणों के साथ पुलिस चौकी पर जमा हो गए.
वहीं गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस चौकी का घेराव कर दिया. मौके पर हंगामा की स्थिति देखते हुए पुलिस बल पहुंच गया. गुस्साएं परिजनों और ग्रामीणों ने आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर जाम लगाने का भी प्रयास किया. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की मारपीट से मौत हुई है. गुस्साएं ग्रामीणों ने पुलिस चौकी का घेराव कर लिया है, परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर हंगामा किया और पुलिस पर आरोप लगाए.
वहीं इस मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में डौकी थाने की कबीश पुलिस चौकी में देवेन्द्र सविता की संदिग्ध मौत ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों द्वारा लगाए गए पुलिस टॉर्चर के आरोपों ने न केवल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि योगी सरकार की कार्यशैली पर भी करारा प्रहार किया है. प्रदेश में पुलिस बर्बरता की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं, कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर ऐसी घटनाएं प्रदेश की जनता के विश्वास को ठेस पहुंचा रही हैं."
नगीना सांसद ने आगे लिखा- "क्या यह यूपी सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि वह पुलिस तंत्र में जवाबदेही तय करे और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे? यह घटना योगी सरकार की विफलता को उजागर करती है, जहां कानून के रक्षक ही कानून के भक्षक बनते जा रहे हैं. इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई करना न केवल जरूरी है, बल्कि यह सरकार की विश्वसनीयता की परीक्षा भी है."
जानकारी के अनुसार 2023 में दर्ज के मुकदमे में पुलिस ने सुबह पूछताछ के लिए तीन लोगों को चौकी पर बुलाया था. बताया गया है कि इसी दौरान केदार सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ी गई और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. आनन-फानन में पुलिसकर्मी केदार सिंह को लेकर एस एन मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. परिजनों को जैसे ही सूचना मिली उन्होंने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस की मारपीट से मौत हुई है.
इस पूरे मामले की तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई जिसके बाद कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया. पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को शांत कराने में जुट रहे और आश्वासन दिया गया कि अगर कोई पुलिस कर्मी दोषी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी. इस मामले पर डीसीपी पूर्वी अतुल शर्मा ने बताया कि 2023 में दर्ज एक मामले में पूछताछ के लिए केदार सिंह को बुलाया गया था, जिनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. प्रथम दृष्टया हृदय गति रुकने से मौत बताई जा रही है, मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया गया है कि अगर इस मामले में कोई भी पुलिस कर्मी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
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