सिरोही में खनन परियोजना को लेकर बवाल, जनता ने बीजेपी नेताओं को घेरा, जताया तीखा विरोध
Rajasthan News: सिरोही के पिण्डवाड़ा क्षेत्र में ग्रामीणों ने चूना पत्थर खनन परियोजना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. बीजेपी नेताओं से नाराज जनता ने परियोजना रद्द करने की मांग करते हुए जवाब मांगा.

अजारी स्थित मार्कण्डेश्वर धाम में गुरुवार को आयोजित बीजेपी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रम के दौरान पिण्डवाड़ा क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा के ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने बीजेपी नेताओं और जनप्रतिनिधियों का घेराव करते हुए प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर तीखे सवाल दागे.
डेढ़ महीने से उबाल पर जनता, पर नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड जयपुर द्वारा करीब 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर चूना पत्थर खनन परियोजना प्रस्तावित है, जिसके विरोध में जनता पिछले डेढ़ महीने से आंदोलनरत है. लेकिन इस दौरान कोई भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि जनता के बीच नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है.
सुबह करीब 10 बजे से शाम 5 बजे तक सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अजारी में घांची समाज धर्मशाला के बाहर डटे रहे और विरोध जताया. उसके बाद बीजेपी नेताओं का प्रतिनिधि मंडल विधायक के साथ धरना स्थल पहुंचा और वार्ता शुरू करके खनन परियोजना को निरस्त करवाने का आश्वासन दिया.
जनता के तल्ख सवालों से असहज दिखे नेता
जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर विधायक समाराम गरासिया, सांसद लुम्बाराम चौधरी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी और पिण्डवाड़ा प्रधान नितिन बंसल पहुंचे, ग्रामीणों ने घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी शुरू कर दी.
जनता ने पूछा जब जनता डेढ़ महीने से सड़क पर है तो इतने दिन से नेता कहां थे? और “खनन परियोजना को निरस्त करवाने के लिए सरकार क्या कर रही है?” क्षेत्र के नेताओं का जनता को सहयोग नहीं मिलने के पीछे क्या वजह रही है, इस पर भी सवाल उठे.
जनता के सवालों का जवाब देने में नेता असमर्थ दिखे. प्रधान नितिन बंसल तो बिना कोई जवाब दिए ही लौटना पड़ा. प्रधान द्वारा क्षेत्र की जनता द्वारा दिए गए ज्ञापन को एक तरफ रखने का मामला भी गरमाया और जनता प्रधान के प्रति जबरदस्त नाराज दिखी. वहीं बीजेपी जिला मंत्री पवन राठौड़ द्वारा कुछ दिन पूर्व वाटेरा गांव में ग्रामीणों की बैठक में 500 करोड़ रुपये मुंह बंद करने के देने के बयान पर भी बीजेपी सिरोही जिलाध्यक्ष से सवाल-जवाब किया गया.
नेताओं का आश्वासन, जनता का दो टूक जवाब, लिखित आदेश लाओ
क्षेत्र के बीजेपी नेता कितने संवेदनशील हैं, इसका उदाहरण यह भी देखने को मिला कि क्षेत्र की जनता बाहर धरने पर बैठी थी और कार्यक्रम में नेताओं ने दाल, बाटी, चूरमा का आनंद लिया, जबकि आंदोलनरत ग्रामीण करीब 300 मीटर दूर बैठकर बिस्किट खाकर दिन गुजारते रहे. यह दृश्य कार्यक्रम में चर्चा का विषय बन गया और कई सवाल भी उठे. बीजेपी जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर खनन परियोजना को निरस्त करवाने की मांग उनके समक्ष रखेंगे और संघर्ष समिति की मुलाकात भी करवाएंगे. लेकिन जनता ने स्पष्ट कहा कि जब तक लिखित आदेश नहीं आता, आंदोलन जारी रहेगा.कार्यक्रम स्थल खनन परियोजना वापस लो” और “जनता की जमीन नहीं बिकने देंगे” के नारों से गूंज उठा.
कई ग्रामीणों ने मंच के बाहर ही बीजेपी नेताओं से सवाल-जवाब किए और विरोध दर्ज कराया. वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा के ग्रामीणों का कहना है कि खनन परियोजना से खेती-बाड़ी, जलस्रोत और पर्यावरण पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन जिला मुख्यालय तक पहुंचाया जाएगा.
Source: IOCL






















