Udaipur News: बाहुबली का नाम सुनकर आपके मन में पहले क्या आता है, हिल या फिल्म, जानिए रोचक कहानी
Udaipur News: बाहुबल हिल उदयपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर बड़ी तालाब के पास है. हिल की लोकप्रियता बढ़ने से अब देश-विदेश के पर्यटक आते हैं. पर्यटकों से ग्रामीणों को रोजगार का अवसर मिला.

Udaipur News: बाहुबली का नाम लेते ही दिमाग में फिल्म का इमेज बन जाता है. लेकिन उदयपुर संभाग और आसपास के युवाओं जेहन बाहुबली हिल (Bahubali Hill ) की तरफ सबसे पहले जाता है. बाहुबल हिल उदयपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर बड़ी तालाब के पास है. जानकार बताते हैं कि यहां 50 साल पहले रावल महाराज तपस्या करते थे और उनके देवलोक गमन के बाद पहाड़ी उजाड़ हो गई. गांव के कुछ लोग ही वहां जाते थे. तीन साल पहले गए कुछ युवाओं ने इस हिल को सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा लोकप्रिय कर दिया. हिल की लोकप्रियता बढ़ने से अब देश-विदेश के पर्यटक आते हैं. लोगों की आमद को देख ग्रामीणों को रोजगार का अवसर मिला. उन्होंने दुकानें भी लगानी शुरू कर दी है.
जानिए बाहुबली हिल के पीछे की कहानी
रावल महाराज के शिष्य छोटे रावल महाराज बताते हैं कि यह पहाड़ी रावल महाराज की तपस्या स्थली थी. 50 साल पहले तक तपस्या करनेवाले महाराज के सेवादार बड़ी गांव के ही साधु थे. रावल महाराज का देवलोक गमन होने के बाद सेवक साधु कभी-कभार आने लगे. करीब तीन साल पहले कुछ युवकों को पहाड़ी पर चढ़कर ऊपर जाते और फोटो-वीडियो बनाते देखा. उनके जाने के करीब दो माह बाद देखा तो और भी कई लोग आने लगे. इसके बाद बाहुबली हिल सोशल मीडिया पर मशहूर हो गई. उन्होंने कहा कि पर्यटकों के आने से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है. अब बड़ी ग्राम पंचायत से इसके सुधार के लिए काम किया जा रहा है. बाहुबली हिल तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर कच्चे रास्ते पर ट्रैकिंग कर चढ़ा जाता है. हिल के नीचे और हिल के ऊपरी हिस्से पर स्थानीय लोगों की दुकानों से चाय, पानी मिल सकते हैं. इस पर जाने के लिए दो रास्ते बने हुए हैं लेकिन बड़ी तालाब से सटे रास्ते का ही पर्यटक उपयोग करते हैं.
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