Sirohi News: अवैध अस्पतालों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, पिंडवाड़ा और रेवदर के दो अस्पताल सीज
Sirohi News In Hindi: राजस्थान में अवैध रूप से चल रहे वेद ऑर्थोपेडिक और कृष्णा हॉस्पिटल को दस्तावेज़ों की कमी के कारण सीज कर दिया गया है. प्रशासन अन्य शाखाओं की भी जांच करेगा.

राजस्थान के सिरोही जिले में नियम विरुद्ध संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ चिकित्सा विभाग और प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. पिंडवाड़ा के वेद ओर्थोपेडीक अस्पताल और रेवदर के करोटी गांव स्थित कृष्णा हॉस्पिटल को दस्तावेजों में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया है.
पिंडवाड़ा में उपखंड अधिकारी नरेंद्र जांगिड़ और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह ने वेद ओर्थोपेडिक अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन लाइसेंस, क्लिनिकल स्थापना के जरूरी दस्तावेज और अन्य वैधानिक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका. प्रशासन ने तत्काल अस्पताल को सीज कर प्रबंधन को नोटिस थमाया और निर्धारित समय सीमा में सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.
अन्य शाखाओं पर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार वेद ओर्थोपेडीक अस्पताल की शाखाएं सिरोही, आबूरोड, स्वरूपगंज और रेवदर क्षेत्र में भी संचालित होने की बात सामने आई है. इन सभी स्थानों पर एक ही डॉक्टर के नाम के बोर्ड और होर्डिंग लगे हैं, जिसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इन सभी शाखाओं के दस्तावेजों और चिकित्सकीय व्यवस्था की भी गहन जांच की जाएगी.
रेवदर में कृष्णा हॉस्पिटल भी बंद
रेवदर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देश पर कार्यवाहक बीसीएमओ डॉ. मुकेश कुमार मीना ने करोटी गांव स्थित कृष्णा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. यहां भी अस्पताल प्रबंधन वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसके बाद अस्पताल को तत्काल सीज कर दिया गया. जिला कलेक्टर द्वारा गठित उपखंड स्तरीय टीम अब मामले की विस्तृत जांच करेगी.
कार्रवाई पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इतने दिनों तक चिकित्सा विभाग मौन क्यों रहा. बीसीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह ने माना कि पिछले छह महीनों में सिर्फ सात कार्रवाइयां हुई हैं जो पर्याप्त नहीं हैं. झोलाछाप डॉक्टरों की मौजूदगी और मानव जीवन से खिलवाड़ की शिकायतों को देखते हुए लोग और अधिक सख्त कदमों की मांग कर रहे हैं. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि स्वरूपगंज, पिंडवाड़ा और रोहिड़ा क्षेत्र में भी जल्द जांच अभियान चलाया जाएगा.
Source: IOCL






















