Rajasthan News: पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी से राजस्थान में 10 दिन पहले हुई सर्दी की एंट्री, मानसून के बाद 3 गुना ज्यादा बारिश
पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी की शुरआत से राजस्थान में ठंड ने दस्तक दे दी है. इस साल अक्टूबर के पहले हफ्ते में प्रदेश के कई शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में पारा 15-20 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया.

Rajasthan Weather News: देश सहित प्रदेश में क्लाइमेट चेंज का असर प्री व पोस्ट मानसून में हुई बारिश से अंदाजा लगाया जा सकता हैं. मानसून ने जैसे राजस्थान में दस्तक दी प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश हुई. वहीं अक्टूबर में मानसून की विदाई ने भी पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. नतीजा यह रहा कि लगातार बारिश की वजह से राजस्थान में सर्दी की दस्तक भी 10 दिन पहले हुई है.
पारा 15-20 डिग्री सेल्सियस से नीचे
विशेषज्ञों की मानें तो समय से पहले सर्दी की दस्तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है. पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी की शुरआत के साथ ही राजस्थान में ठंड ने दस्तक दे दी है. दरअसल, इस साल अक्टूबर के पहले सप्ताह के शुरूआत में प्रदेश के कई शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में पारा 15-20 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जो अमूमन 13 या 15 अक्टूबर बाद जाता है. जानकारों की मानें तो इस समय जहां वातावरण में मॉइश्चर (नमी) लेवल ज्यादा होगा वहां ठंडक का एहसास ज्यादा होगा.
इन इलाकों में ज्यादा ठंड
मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में अब भी कई शहर ऐसे है जहां मॉइश्चर लेवल 80 फीसदी से ऊपर बना हुआ है. लंबे समय तक चले बारिश के दौर के कारण इस बार वातावरण में मॉइश्चर लेवल अच्छा बना हुआ है, जिसके कारण इस बार ठंडक का समय से पहले असर दिखने लगा है. शेखावाटी में 15 डिग्री सेल्सियस तक पारा पहुंचा. सुबह-सुबह हल्का कोहरा भी छाने लगा है. चित्तौड़गढ़, सीकर, भीलवाड़ा, चूरू, नागौर, हनुमानगढ़, उदयपुर, पिलानी ऐसे शहर है जहां पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने लगा है.
कड़ाके की पड़ेगी ठंड
मौसम केन्द्र के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा ने रिपोर्ट जारी की इसमें देखे तो सामान्यत: राजस्थान मानसून के विदा होने के बाद अक्टूबर के महीने में औसतन 10.9 मिमी बरसात होती है. जबकि इस साल 13 अक्टूबर तक राज्य में औसत बरसात 31.4 मिमी बरसात हो चुकी है, जो अक्टूबर के महीने में होने वाली औसत बरसात से 3 गुना ज्यादा है. ये पिछले 5 साल में अक्टूबर में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड है. जबकि बाड़मेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और जैसलमेर जिले ऐसे है जहां अब तक इस महीने में बिल्कुल बारिश नहीं हुई. एक्सपर्ट की मानें तो जिस तरह से गर्मी व बारिश ने अपना असर दिखाया है. वैसे ही ठंड का असर अब दिखने लगा है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार ठंड अपना असर दिखाएगी. दिसंबर तक प्रदेश के शेखावाटी और सिरोही आदि जिले में तापमान माइनस में भी जा सकता है.
Source: IOCL


























