राजस्थान: सिरोही की बेटी प्रियंका ओझा की बड़ी उपलब्धि, हासिल किया ये मकाम
Sirohi News: सिरोही की प्रियंका ओझा ने RPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने स्नातक महाविद्यालय में सहायक आचार्य बनीं. उनकी उपलब्धि ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

राजस्थान के सिरोही के गोल गांव की होनहार बेटी, प्रियंका ओझा, ने शिक्षा जगत में नया कीर्तिमान रचते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की है. उन्हें राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिरोही में भौतिकी विषय की सहायक आचार्य (Assistant Professor) के पद पर नियुक्ति मिली है.
इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि प्रियंका अब उसी महाविद्यालय में अध्यापन करेंगी, जहां से उन्होंने स्वयं अपनी स्नातक शिक्षा पूरी की थी. यही नहीं, उनके पिता, किशोर कुमार ओझा, और भाई, प्रियांक ओझा, ने भी इसी महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की थी. यह संयोग पूरे परिवार के लिए एक भावनात्मक और गर्व का क्षण बन गया है.
कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल
प्रियंका ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने नेट-जेआरएफ (NET-JRF) उत्तीर्ण किया. साल 2020 में आयोजित जेस्ट (JEST) परीक्षा में उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान (AIR-1) हासिल किया. इसके साथ ही वे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों IISC, TIFR, RRI और IITs में पीएच.डी. के लिए चयनित हुईं.
इन उपलब्धियों से यह साबित होता है कि प्रतिभा और लगन से ग्रामीण परिवेश की बेटियां भी देशभर में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं. प्रियंका पिछले एक साल से राजकीय कन्या महाविद्यालय, पाली में सहायक आचार्य के रूप में सेवा दे रही थीं.
प्रियंका की सफलता बनी ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा
प्रियंका ने वहां के पूरे स्टाफ और सकारात्मक वातावरण का विशेष रूप से आभार जताते हुए कहा कि उसी मार्गदर्शन ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया, जिसका लाभ उन्हें साक्षात्कार में मिला. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया और विशेष रूप से अपने भाई को धन्यवाद दिया.
प्रियंका की इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरा गांव और क्षेत्र गौरवान्वित है. क्षेत्रवासियों और पूर्व शिक्षकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















