मेवात में साइबर अपराधियों के घर दबिश देने पहुंची पुलिस CCTV तोड़ने का आरोप, कांग्रेस ने घेरा
Mewat Cybercrime Crackdown: डीग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठे हैं. पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने पुलिस पर निर्दोषों को फंसाने, अवैध गिरफ्तारी और वसूली का आरोप लगाया है.

राजस्थान के डीग जिले के मेवात क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दबिश के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ने का एक वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने पुलिस पर निर्दोष लोगों को फंसाने और "अवैध गिरफ्तारी व अवैध वसूली" का रैकेट चलाने का आरोप लगाया है.
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद डीग जिले के गोपालगढ़ थाना क्षेत्र के गाँव हैवतका और नावदा में हाल ही में हुई पुलिस दबिश के बाद शुरू हुआ. पुलिस ने इन गाँवों में साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए छापे मारे थे. इसी दौरान, एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में पुलिस की पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड हो गई. वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि पुलिसकर्मी घर में घुसने के बाद डंडों से सीसीटीवी कैमरों को तोड़ रहे हैं.
पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने सौंपा ज्ञापन
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद, पूर्व मंत्री जाहिदा खान आज भरतपुर पुलिस महानिरीक्षक (IG) कैलाश चंद्र बिश्नोई से मिलने पहुंचीं और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा. जाहिदा खान ने आईजी से मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन इसकी आड़ में निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है.
पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने पुलिस पर लगाया आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस साइबर अपराध के नाम पर गांवों में दबिश देती है, निर्दोष लोगों को पकड़कर लाती है और फिर उनसे रुपये लेकर उन्हें छोड़ देती है. यह सिलसिला काफी समय से चल रहा है.
पूर्व मंत्री ने दिया चेतावनी
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि पुलिस ने ऐसे लोगों को भी गिरफ्तार किया है जो बाहर रहकर रोजगार करते हैं और पूरी तरह निर्दोष हैं. उन्होंने पुलिस पर दबिश के दौरान घरों में घुसकर महिलाओं को बेइज्जत करने का भी आरोप लगाया. जाहिदा खान ने कहा कि पुलिस की इस कार्यशैली से मेवात के लोगों का कानून से विश्वास खत्म होता जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस का "अवैध गिरफ़्तारी और अवैध वसूली" का यह सिलसिला नहीं रुका, तो क्षेत्र के लोग परेशान होकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे.
















