Rajasthan News: निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई, कई जगह बहुकोणीय मुकाबले की संभावना
Rajasthan Panchayat Elections: राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है. सितंबर और अक्टूबर में होने वाले चुनावों को 2028 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है.

राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नगर निकाय चुनाव सितंबर में दो चरणों में होंगे, जबकि पंचायत चुनाव अक्टूबर में 4 चरणों में कराए जाएंगे. निकाय चुनाव की अधिसूचना 22 अगस्त और पंचायत चुनाव की अधिसूचना 23 सितंबर को जारी होगी. निकाय चुनाव करीब एक साल और पंचायत चुनाव लगभग डेढ़ साल की देरी से हो रहे हैं.
राजनीतिक जानकार इन स्थानीय चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मान रहे हैं. चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि राज्य में किस पार्टी की पकड़ मजबूत है. इसी वजह से बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अभी से अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. स्थानीय चुनाव होने के बावजूद इनका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई देगा.
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बीजेपी सरकार के कामकाज की होगी परीक्षा
ये चुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार के ढाई साल के कामकाज की भी परीक्षा माने जा रहे हैं. सत्ता में होने का फायदा बीजेपी को मिल सकता है, लेकिन जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का दबाव भी पार्टी पर रहेगा.
कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत का कहना है कि स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनाव अलग-अलग होते हैं. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी स्थानीय मुद्दों के साथ प्रदेश और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएगी और बड़ी जीत दर्ज करेगी.
कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
दूसरी ओर कांग्रेस चुनाव को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को आधार बनाकर सरकार चुनाव टालने की कोशिश कर सकती है. उनका दावा है कि अगर चुनाव तय समय पर हुए तो बीजेपी को जनता करारा जवाब देगी, क्योंकि लोग मौजूदा सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं.
इस बार मुकाबला सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस तक सीमित नहीं रहेगा. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी), भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी), बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम भी चुनाव मैदान में उतरेंगी. ऐसे में कई क्षेत्रों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय होने की संभावना है.
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हजारों सीटों पर होगा मतदान
राजस्थान में कुल 309 नगर निकाय हैं, जिनमें 10,245 वार्डों के लिए पार्षद चुने जाएंगे. वहीं 11,071 ग्राम पंचायतों में सरपंचों का चुनाव होगा. इसके अलावा 41 जिला परिषद अध्यक्ष और 367 ब्लॉक प्रमुख के पदों के लिए भी मतदान कराया जाएगा. राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इन चुनावों का रास्ता साफ हुआ है. अब सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गए हैं.
























